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Thursday, February 12, 2026

अमरोहा कौशल महोत्सव में 2400 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार; जयन्त चौधरी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

 


राहुल गौतम

नित्य संदेश, अमरोहा।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने यहां अमरोहा कौशल महोत्सव में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर कौशल को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा आयोजित कौशल महोत्सव को अमरोहा और आसपास के जिलों के युवाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लगभग 4,000 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में 2,400 से अधिक उम्मीदवारों का चयन किया गया और उन्हें नौकरी की पेशकश की गई। कार्यक्रम में 55 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं व बीमा (BFSI), मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए। यह कार्यक्रम एक सिंगल-विंडो मंच के रूप में आयोजित किया गया, जहां युवाओं को नौकरी, अप्रेंटिसशिप और करियर मार्गदर्शन की सुविधा एक ही जगह मिली। यह मंत्रालय की परिणाम आधारित कौशल प्रशिक्षण पर जोर को दर्शाता है। इस दौरान आज अमरोहा में माननीय सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर, विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अरुण यादव, डीडीजी और वी.एस. अरविंद, निदेशक, एमएसडीई भी उपस्थित रहे।



अपने संबोधन में श्री चौधरी ने कहा, “चौधरी अजित सिंह की जयंती पर हम ग्रामीण भारत और उसके युवाओं की ताकत में उनके अटूट विश्वास को नमन करते हैं। अमरोहा में अपार संभावनाएं हैं—यहां की उद्यमशील सोच और मेहनती युवा आबादी इसकी पहचान है। आज 4,000 से अधिक युवाओं की भागीदारी उनके सपनों और काम के लिए उनकी तैयारी को दिखाती है। कौशल महोत्सव जैसे मंच प्रतिभा और अवसर के बीच की दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये उद्योगों को युवाओं तक लाते हैं, जिससे उन्हें नौकरी, अप्रेंटिसशिप और करियर मार्गदर्शन के लिए काम की तलाश में बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।”

“मैं अमरोहा के युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे SOAR – स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस जैसी पहलों के माध्यम से अपने कौशल को लगातार निखारते रहें, ताकि वे नई तकनीक से जुड़ी नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। उन्हें इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता के क्षेत्रीय चरणों में भी भाग लेना चाहिए, जो हर दो साल में आयोजित होते हैं, जहां अमरोहा जैसे जिलों के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व भी कर सकते हैं। आज कौशल विकास का मतलब है स्थानीय प्रतिभा को आगे बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास बनाना। ऐसे मंचों के जरिए ही अमरोहा जैसे जिले विकसित भारत 2047 के सपने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे,” उन्होंने आगे कहा। कौशल महोत्सव को किसान ट्रस्ट का सहयोग मिला, जिसने जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता के प्रयास किए। वहीं, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाई। 

अमरोहा कौशल महोत्सव मंत्रालय की चल रही जिला-स्तरीय पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं तक उनके घर के पास ही रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में भारत के कौशल विकास तंत्र में हो रहे व्यापक बदलावों को भी रेखांकित किया गया, जिनमें पीएमकेवीवाई 4.0, एनएपीएस के तहत बढ़ाई गई अप्रेंटिसशिप और हाल ही में शुरू की गई योजना पीएम-सेतु के तहत आईटीआई का आधुनिकीकरण शामिल है। मंत्रालय ने देशभर में ऐसे कौशल महोत्सवों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि समावेशी विकास को मजबूत किया जा सके और एक कुशल, आत्मविश्वासी तथा भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार किया जा सके।


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