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Thursday, February 12, 2026

केन्द्रीय बजट 2026–27 युवा-शक्ति, कौशल, तकनीक और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम: जयंत चौधरी

 


राहुल गौतम

नित्य संदेश, गजरौला

अमरोहा कौशल महोत्सव के उपरांत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने केन्द्रीय बजट 2026–27 को युवा-केन्द्रित, भविष्यदर्शी और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत यह बजट युवाशक्ति पर विशेष फोकस करता है और शिक्षा, कौशल, तकनीक, कृषि, खेल एवं औद्योगिक विकास के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देता है।

उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए उन्हें हार्दिक बधाई दी और वित्त मंत्री को ऐसे संतुलित बजट के लिए धन्यवाद दिया जो समावेशन के साथ-साथ जिम्मेदार सुधारों को आगे बढ़ाता है। श्री चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देकर यह बजट भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की नींव रखता है। बजट में उत्तर प्रदेश, शिक्षा, स्किलिंग, खेल और कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे राज्य के युवाओं, किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए घोषित योजनाएं राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और तकनीक का नया केंद्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उत्तर प्रदेश से जुड़ी घोषणाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ₹10,000 करोड़ का प्रस्तावित SME ग्रोथ फंड मेरठ जैसे स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर सहित राज्य के MSME और विनिर्माण क्षेत्र को बड़ी मजबूती देगा। दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी और यातायात की गति में ऐतिहासिक सुधार होगा। लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर और नोएडा जैसे बड़े शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ावा दिया गया है। राज्य के सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर्स की स्थापना से स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ होंगी।

ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ के बाद ‘शी-मार्ट’ की स्थापना और हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास से महिला सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी। वाराणसी में लॉजिस्टिक्स हब, प्रयागराज में नए इंडस्ट्रियल नोड के लिए विशेष फंड, जेवर एयरपोर्ट के पास देश के पहले सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पार्क को मंजूरी तथा लखनऊ में AI सिटी के विकास की घोषणा उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाएगी। इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार और औद्योगिक गलियारों के लिए ₹22,500 करोड़, लखनऊ-कानपुर-आगरा मेट्रो के अगले चरणों के लिए ₹32,075 करोड़ का प्रावधान तथा हापुड़ और सहारनपुर में एग्री-एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन की स्थापना से रोजगार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे।

उच्च शिक्षा और विशेषीकृत संस्थानों पर प्रकाश डालते हुए श्री चौधरी ने कहा कि तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) की स्थापना और मौजूदा सात NIPERs का उन्नयन फार्मास्यूटिकल शिक्षा, अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन को मजबूती देगा। आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना से पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिलेगा। प्रत्येक जिले में कम-से-कम एक बालिका छात्रावास की स्थापना से कॉलेज, विश्वविद्यालय, व्यावसायिक और STEM संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा, पहुंच और भागीदारी बढ़ेगी, साथ ही STEM विषयों में महिला सहभागिता को प्रोत्साहन मिलेगा और स्कूल-स्तरीय व डिजिटल शिक्षा अवसंरचना भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि बजट में रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब्स की घोषणा की गई है, जिन्हें 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत छात्रों को एनीमेशन, गेमिंग, VFX और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे आधुनिक कौशलों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए श्री चौधरी ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026–27 में कृषि के लिए ₹1,40,528.78 करोड़ का आवंटन किया गया है। फसल विविधीकरण, उत्पादकता वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। मत्स्य पालन और पशुपालन के सशक्त विकास के लिए नई पहलें की गई हैं। तटीय क्षेत्रों में नारियल, काजू, कोको जैसी फसलों और अखरोट व पाइन नट्स जैसे नट्स को बढ़ावा दिया जाएगा। छोटे और सीमांत किसानों की आय सुदृढ़ करने के लिए एग्री-एंटरप्रेन्योरशिप, स्टार्टअप्स और महिला-नेतृत्व वाले समूहों को प्रोत्साहन दिया गया है। फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशंस के साथ बाजार संपर्क मजबूत करने के लिए 500 जलाशयों का एकीकृत विकास किया जाएगा।

स्किलिंग और उद्यमशीलता पर विशेष जोर देते हुए श्री चौधरी ने कहा कि कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय का बजट ₹6,100 करोड़ से बढ़ाकर ₹9,885.80 करोड़ किया गया है, जो 62 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। इससे कैपेसिटी बिल्डिंग और फ्यूचर रेडीनेस को नई गति मिलेगी। अगले पांच वर्षों में एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जिनमें AYUSH केंद्र, डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सुविधाएं शामिल होंगी। शिक्षा-से-रोजगार और उद्यम इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित की जाएगी, जिसका लक्ष्य 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में भारत की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। दिव्यांगजनों के लिए IT, AVGC, हॉस्पिटैलिटी और फूड एंड बेवरेज सेक्टर में अनुकूलित प्रशिक्षण और रोजगार अवसर विकसित किए जाएंगे। राज्यों के सहयोग से प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जहां विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय सुविधाएं एक साथ होंगी।

उन्होंने कहा कि एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, केयरगिवर्स, मेडिकल टूरिज्म, केयर इकॉनमी, दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसी पहलें भारत के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करेंगी। अंत में जयंत चौधरी ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026–27 उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए अवसरों का बजट है, जो युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यम के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाकर भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा।

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