नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: स्वामी विवेकानंद सुभारती
विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और
एनएसएस इकाई-1 के द्वारा संयुक्त रूप से
शिक्षा बजट 2026 पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का
आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमार गौतम ने मुख्य वक्ता के रूप में
शिक्षा बजट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डॉ. गौतम ने
कहा कि शिक्षा बजट 2026 में उच्च शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और
कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत की बढ़ती
युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए बजट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त
धनराशि का प्रावधान आवश्यक है। डॉ. गौतम ने जोर देकर कहा कि "शिक्षा बजट को केवल
व्यय नहीं, बल्कि निवेश के रूप में देखा
जाना चाहिए, जो राष्ट्र निर्माण की
आधारशिला बनेगा"। उन्होंने सरकारी योजनाओं
जैसे समग्र शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बजट प्रावधानों की
सराहना की, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों
में डिजिटल डिवाइड को दूर करने पर बल दिया।
इस अवसर पर बोलते हुए विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.) ऋतेष चौधरी ने अपने संबोधन में
कहा कि "यह चर्चा छात्रों को राष्ट्रीय बजट की समझ प्रदान
करने का एक उत्कृष्ट माध्यम सिद्ध हुई। विभाग ऐसे और अधिक आयोजनों के माध्यम से
युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ने का प्रयास करेगा।" उन्होंने शिक्षा बजट के
माध्यम से रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय राम प्रकाश तिवारी, सहायक प्रोफेसर एवं एनएसएस
इकाई-1 के कार्यक्रम अधिकारी ने किया। तिवारी ने छात्रों को
बजट विश्लेषण के महत्व पर संक्षिप्त जानकारी दी और चर्चा को जीवंत बनाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस एकदिवसीय आयोजन में सुभारती विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में
छात्र-छात्राओं एवं एनएसएस के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। चर्चा के अंत में छात्रों
के प्रश्नों का समाधान कर डॉ. गौतम ने उन्हें बजट संबंधी जागरूकता प्रदान की। यह
आयोजन शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में विभाग की सक्रियता को दर्शाता है। इस अवसर पर प्रो. अशोक
त्यागी, डॉ. प्रीती सिंह, शैली शर्मा, तरुण जैन, रोहिल भटनागर आदि शिक्षकों
के साथ शिक्षणेत्तर कर्मी कपिल गिल, संजय पाल, सहित विभाग के समस्त
विद्यार्थी व एनएसएस इकाई-1 के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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