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Wednesday, February 18, 2026

इबादत और बरकत का महीना: भारत में 19 फरवरी से शुरू हो सकता है रमजान



सपना सीपी साहू 
नित्य संदेश, नई दिल्ली: आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से इस्लाम में साल का सबसे पवित्र माना जाने वाला 'रमजान' का महीना दहलीज पर है। इस्लामी कैलेंडर (हिजरी सन) के नौवें महीने, रमजानुल मुबारक का इंतजार पूरी दुनिया के साथ भारत में भी शिद्दत से किया जा रहा है। खगोलीय गणनाओं और संभावित चांद के दीदार के अनुसार, इस वर्ष भारत में रमजान के पाक महीने का आगाज 19 फरवरी 2026 से होने की पूरा अनुमान है।

चांद के दीदार पर टिकी हैं नजरें
इस्लामी परंपरा के अनुसार, महीनों की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है।
यदि 18 फरवरी को शाम को चांद नजर आता है, तो पहला रोजा 19 फरवरी को रखा जाएगा।
यदि किन्हीं कारणों से 18 को चांद नहीं दिखता, तो रमजान की शुरुआत 20 फरवरी से होगी।

संयम और साधना का पर्व
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रमजान केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्म-अनुशासन और खुदा की इबादत का पर्व है। इस दौरान रोजेदार सुबह सूरज निकलने से पहले 'सहरी' करते हैं और दिन भर बिना अन्न-जल ग्रहण किए शाम को 'इफ्तार' के साथ अपना व्रत खोलते हैं।
इस पाक महीने में पांच वक्त की नमाज का विशेष महत्व है:
फज्र (सुबह की नमाज)
जुहर (दोपहर की नमाज)
असर (तीसरे पहर की नमाज)
मगरिब (शाम की नमाज)
ईशा (रात की नमाज)

ईद-उल-फितर की संभावित तारीख
रमजान का महीना या तो 29 दिन का होता है या 30 दिन का। अगर चांद की चाल के अनुसार गणना की जाए, तो इस वर्ष ईद-उल-फितर (मीठी ईद) का त्योहार 20 या 21 मार्च 2026 को मनाए जाने की उम्मीद है। यह दिन खुशियों के मेल-मिलाप और भाईचारे का प्रतीक होता है, जहां लोग एक-दूसरे के गले लगकर मुबारकबाद देते हैं।
इस पवित्र महीने में दान-पुण्य (जकात और फितरा) पर भी विशेष जोर दिया जाता है, ताकि समाज का हर वर्ग खुशी-खुशी ईद मना सके।

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