नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सीसीएसयू के इतिहास विभाग के स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस संवाद परिचर्चा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिन ऑफ एजुकेशन प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि गांधी जी की शिक्षा के प्रति रुचि और उसके क्रियान्वयन की दिशा में किए गए उनके प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांधी जी ने कहा कि एक बालक को शिक्षा देने का अर्थ है कि एक व्यक्ति को शिक्षित बनाना जबकि एक बालिका को शिक्षा देने का मतलब है संपूर्ण परिवार को शिक्षित बनाना। उन्होंने अनिवार्य शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को लाने का आह्वान दशको पहले किया था। आज हम सभी को गांधी जी से प्रेरणा लेनी होगी।
पूर्व विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर विघ्नेश कुमार ने गांधी जी की मेरठ यात्रा से संबंधित डॉक्युमेंट्री पर बोलते हुए कहा कि यशोदा रियासत वाले चौधरी रघुवीर नारायण सिंह से गांधी जी की निकटता अत्यंत स्नेहिल थी। उनके कई बार चौधरी रघुवीर नारायण सिंह के घर आना हुआ था। विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि गांधी बनना बहुत कठिन है। देश के प्रति उनके किये गये कार्यों के लिए सभी देशवासी उनके कृतज्ञ रहेंगे। लीगल स्टडी के समन्वय डॉक्टर विवेक त्यागी ने गांधी जी के संबंध में बताया कि वास्तव में वह एक महान व्यक्तित्व के स्वामी थे। उनके द्वारा लिखे गए पुस्तकों का हमें अध्ययन करना चाहिए।डॉ कुलदीप कुमार त्यागी ने गांधी जी के विचारों को सर्वकालिक बताया। डॉ योगेश कुमार ने गांधी जी के योगदान के चर्चा करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर इतिहास विभाग के संग्रहालय में गांधी जी के जीवन के ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी हुआ।इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं सहित सभी शिक्षकों ने गांधी जी के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। संचालन डॉक्टर मनीषा ने किया। विभाग के समस्त छात्र छात्राओं सहित सभी स्टाफ उपस्थित रहा।

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