Breaking

Your Ads Here

Monday, January 26, 2026

मदरसा इस्लामिया अरबिया बैतुल उलूम में गणतंत्र दिवस का आयोजन

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। मदरसा इस्लामिया अरबिया बैतुल उलूम गोकलपुर कमालपुर के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के अवसर पर अत्यंत गरिमामयी, उद्देश्यपूर्ण और देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वतंत्रता संग्राम के महान बलिदानों और भारतीय संविधान के प्रवर्तन व महत्व को उजागर करने के लिए बच्चों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम, भाषण, राष्ट्रीय गीत और संवाद (डिबेट) प्रस्तुत किए गए।


शुभारंभ पवित्र कुरान की तिलावत से हुआ, जिसके बाद छात्रों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे भारतीय संविधान की भावना के अनुरूप शांति, भाईचारा, समानता और न्याय के मूल्यों को अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाएंगे। बच्चों के प्रभावशाली भाषणों और देशभक्ति से भरे तरानों ने जनसमूह को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों के दिलों में राष्ट्रीय एकता का जज्बा ताज़ा कर दिया। इस अवसर पर मदरसे के मोहतमिम (प्रबंधक) हजरत मौलाना मुफ्ती आस मोहम्मद गुलज़ार कासमी ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि यह उस महान दस्तावेज की याद दिलाता है जिसने भारत के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी दी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिन बलिदानों के माध्यम से हमें आज़ाद हवा प्रदान की, उनका वास्तविक सम्मान यही है कि हम अपने चरित्र, नैतिकता और सेवाओं के माध्यम से देश और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने विशेष रूप से नई पीढ़ी को शिक्षा, चरित्र निर्माण और देश के प्रति वफादारी को अपना आदर्श बनाने की सीख दी।


कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों और प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। प्रतिभागियों में पूर्व प्रधान हाजी आसिफ अली, वर्तमान प्रधान हरेंद्र सिंह, जूनियर हाई स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मास्टर अब्दुल समद साहब, पूर्व प्रधान संत राम, कारी महबूबुल हसन साहब, कारी एहसान साहब, कारी इलियास साहब, मास्टर अकरम साहब, मास्टर मौलाना मसरूर नदवी साहब, मास्टर कारी कासिम साहब, मुफ्ती जुबैर साहब, मौलाना इरफान साहब, कारी अतहर साहब और कारी मसीह उल्लाह साहब विशेष रूप से शामिल रहे। सभी अतिथियों ने मदरसे की शैक्षिक और प्रशिक्षण संबंधी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान देश में नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय सद्भाव और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


अंत में दुआ (प्रार्थना) के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और यह संकल्प लिया गया कि स्वतंत्रता के शहीदों के बलिदानों को हमेशा याद रखा जाएगा और भारतीय संविधान का पालन करते हुए देश की प्रगति और समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here