नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक प्रमुख कदम के रूप में, भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने भारत के स्किल्स और टेक्निकल एंड वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू के माध्यम से, एमएसडीई भारत में एक स्किल्स एक्सेलेरेटर को लॉन्च और कार्यान्वित करने के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के साथ मिलकर कार्य करेगा।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, भारत सरकार के कौशल विकास और
उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त
चौधरी ने कहा, “भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम को
फ्यूचर ऑफ वर्क के साथ संरेखित करने की एक रणनीतिक विज़न के रूप में शुरू की गई
पहल अब एक संरचित और वैश्विक रूप ले चुकी है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के साथ साझेदारी में इंडिया स्किल एक्सेलेरेटर
को औपचारिक रूप देना, यह भविष्य के लिए तैयार, विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी वर्कफोर्स के निर्माण की दिशा में एक
महत्वपूर्ण पड़ाव है। सरकार, उद्योग और शिक्षा को एक साथ
लाकर, यह पहल मौजूदा और उभरते स्किल गैप को कम करने, परिणाम-आधारित कौशल वित्तपोषण को सक्षम बनाने और लाईफलॉन्ग लर्निंग और वैश्विक श्रम-बाजार की मांग के साथ तालमेल को
बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास को मजबूत करती है। एनईपी 2020 और विज़न
इंडिया2047 के अनुरूप, यह स्किलिंग को समावेशी विकास और
राष्ट्रीय बदलाव का एक मुख्य स्तंभ बनाती है।"
इस घोषणा
पर टिप्पणी करते हुए शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, “मैं भारत
में स्किल्स एक्सेलेरेटर लॉन्च करने के लिए कौशल विकास और उद्यमशीलता
मंत्रालय और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के बीच हुए इस ऐतिहासिक एमओयू का स्वागत करता
हूँ। यह सहयोग शिक्षा को स्किलिंग के साथ एकीकृत करके, लाईफलॉन्ग
लर्निंग को बढ़ावा देकर और पाठ्यक्रम को भविष्य की इंडस्ट्री की ज़रूरतों के साथ
जोड़कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विज़न को मज़बूती से पूरा करता है।
इस पहल से
भारत को बहुत लाभ होगा, क्योंकि इससे ज़रूरी स्किल्स की कमी पूरी होगी, हमारे
युवाओं की वैश्विक स्तर पर रोज़गार क्षमता बढ़ेगी और यह सुनिश्चित होगा कि भारत का
टैलेंट पूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन
एनर्जी, रोबोटिक्स
और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते हुए सेक्टर्स के साथ तालमेल बिठा सके।
उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण, योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता और स्किलिंग के लिए
इनोवेटिव फाइनेंसिंग को बढ़ावा देकर, यह
साझेदारी हमारे टीवीईटी इकोसिस्टम को मजबूत करेगी, समावेशी
विकास का समर्थन करेगी और विकसित भारत 2047 की यात्रा में भारत को स्किल्ड मैनपावर
और इनोवेशन के लिए ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करेगी।”
इंडिया
स्किल्स एक्सेलेरेटर के सह-अध्यक्ष और बजाज फिनसर्व लिमिटेड के चेयरमैन और
मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव बजाज ने कहा, “इंडिया
स्किल्स एक्सेलेरेटर पहल भारत की लंबी अवधि की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने
की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। भारत के टैलेंट पूल के साथ फ्यूचर ऑफ वर्क पर
ग्लोबल इनसाइट्स को संरेखित करने से स्केलेबल, उद्योग-संरेखित
स्किलिंग आर्किटेक्चर बनाने में मदद मिलेगी जो उत्पादकता, इनोवेशन और
समावेशी विकास का समर्थन करती है। 25 वर्ष से कम आयु के 500 मिलियन से अधिक लोगों
के साथ, भारत के
युवाओं को कौशल प्रदान करना हमारे जनसांख्यिकीय लाभ को आर्थिक नेतृत्व में बदलने
के लिए महत्वपूर्ण है। बजाज फिनसर्व में, समूह के 5,000 करोड़
के बजाज बियॉन्ड सीएसआर कार्यक्रम के तहत स्किलिंग हमारी सामाजिक प्रतिबद्धता का
एक मुख्य स्तंभ है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत
के विज़न को साकार करने के लिए मानव पूंजी में निरंतर निवेश महत्वपूर्ण होगा।
इंडिया
स्किल्स एक्सेलेरेटर की सह-अध्यक्ष, अपोलो
हेल्थ कंपनी की कार्यकारी अध्यक्ष और अपोलो हॉस्पिटल्स की प्रमोटर डायरेक्टर
सुश्री शोभना कामिनेनी ने कहा, "भारत के
वर्कफोर्स का लाभ स्किलिंग के साथ स्केल को संरेखित करने में निहित है। इंडिया
स्किल्स एक्सीलरेटर पॉलिसी और प्रैक्टिस के बीच के लिंक को मजबूत करता है और
उद्योग, शिक्षकों
और इनोवेटर्स को एक साथ लाकर उभरती वर्कफोर्स की ज़रूरतों को कार्यान्वित किए जा
सकने वाले कौशल और सतत नौकरियों में बदलता है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के साथ
साझेदारी में, यह भारत को
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक भरोसेमंद, भविष्य के
लिए तैयार टैलेंट देने वाले के तौर पर स्थापित करता है।”
यह एक मल्टीस्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य
वर्कफोर्स में जरूरी स्किल्स की कमी को दूर करने के लिए इनोवेटिव समाधान और सार्वजनिक-निजी
भागीदारी की पहचान करना, उन्हें बढ़ाना और तेज करना है। यह एक्सेलेरेटर स्किलिंग पहल, उद्योग और
वैश्विक अर्थव्यवस्था की उभरती मांगों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करके भारत की
टेक्निकल एंड वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (टीवीईटी) इकोसिस्टम को मजबूत करने के
प्रयासों का समर्थन करेगा।
स्किल्स एक्सेलेरेटर, इंडिया विजन @2047
और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार, लाईफलॉन्ग
लर्निंग, अपस्किलिंग और रीस्किलिंग को बढ़ावा देकर स्किल्स
की कमी को रणनीतिक रूप से दूर करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह पहल फ्लेक्सिबल
पाठ्यक्रम, व्यावसायिक और हायर एजुकेशन पाथवे के एकीकरण,
योग्यताओं की आपसी पहचान और संस्थानों में कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ावा
देगी। एमएसडीई जागरूकता, कार्यान्वयन और एक्सेलेरेटर को बड़े
स्तर पर बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों, व्यावसायिक
प्रशिक्षण संस्थानों और एआईसीटीई और यूजीसी जैसे नियामक निकायों के साथ मिलकर
कार्य करेगा।
इस सहयोग के हिस्से के रूप में, एक्सेलेरेटर स्किलिंग के लिए
इनोवेटिव फाइनेंसिंग मैकेनिज्म का भी समर्थन करेगा, प्रमुख
स्टेकहोल्डर्स के बीच रणनीतिक समन्वय को सक्षम करेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए ट्रेड और जॉब रोल में उभरती वैश्विक मांग और सप्लाई
ट्रेड की पहचान करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स,
ग्रीन एनर्जी, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस्ड
मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते फ्यूचर ऑफ वर्क डोमेन में सहयोग पर विशेष ज़ोर दिया
जाएगा, साथ ही हैकाथॉन जैसी इनोवेशन-आधारित गतिविधियाँ और एक
स्ट्रक्चर्ड एक्शन प्लान को लागू किया जाएगा।

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