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Thursday, January 1, 2026

साहित्यिक जगत में शिवना सम्मानों की गूँज: लीलाधर मंडलोई को 'अंतर्राष्ट्रीय शिवना सम्मान'


- मुकेश नेमा और स्मृति आदित्य को कृति सम्मान 

नित्य संदेश ब्यूरो 
सीहोर। नए वर्ष की ऊर्जा और साहित्यिक उल्लास के बीच 'शिवना प्रकाशन' द्वारा वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। शुक्रवार, 2 जनवरी की सुबह देश के जाने-माने साहित्यकारों की उपस्थिति में इन पुरस्कारों का आधिकारिक ऐलान किया गया।

इस वर्ष का प्रतिष्ठित 'अंतर्राष्ट्रीय शिवना सम्मान' वरिष्ठ कवि और लेखक लीलाधर मंडलोई को उनकी चर्चित आत्मकथा 'जब से आँख खुली है' के लिए दिया जाएगा। अपनी विशिष्ट शैली और गहरे अनुभवों के लिए जानी जाने वाली यह कृति साहित्य जगत में विशेष स्थान रखती है।

कृति सम्मान की घोषणा
शिवना कृति सम्मान 2025 के लिए इस बार दो लेखकों का चयन किया गया है। यह सम्मान साझा रूप से प्रदान किया जाएगा:
मुकेश नेमा: उनकी कृति 'इत्तू सी इरा' के लिए।
स्मृति आदित्य: उनकी कृति 'अब मैं बोलूँगी' के लिए।
ख्यात साहित्यकारों की उपस्थिति में हुई घोषणा

पुरस्कारों की घोषणा के दौरान साहित्य जगत की प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं। जिनमें सुधा ओम ढींगरा, मनीषा कुलश्रेष्ठ, यतीन्द्र मिश्र, पंकज सुबीर और आकाश माथुर शामिल थे। सभी उपस्थित लेखकों ने चयनित लेखकों को बधाई दी। 

फरवरी में होगा साहित्य समागम
शिवना प्रकाशन के प्रबंधक शहरयार खान और पंखुरी पुरोहित ने बताया कि इन सभी सम्मानित लेखकों को आगामी 28 फरवरी और 1 मार्च को आयोजित होने वाले 'शिवना साहित्य समागम' में सम्मानित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में वर्ष 2025 के विजेताओं के साथ-साथ वर्ष 2024 के सम्मानित लेखकों और नव-लेखन के उभरते रचनाकारों का भी सम्मानित किया जाएगा।

समन्वयक
आकाश माथुर

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