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Saturday, January 31, 2026

न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल पर कब्ज़े का हिंसक प्रयास



तरुण आहुजा 
नित्य संदेश, मेरठ। सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल, लोहिया नगर, मेरठ के शांतिपूर्ण संचालन एवं प्रबंधन में न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद जबरन हस्तक्षेप करने तथा विद्यालय पर अवैध कब्ज़े के प्रयास का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ट्रस्ट एवं स्कूल के प्रबंधन से संबंधित विवाद माननीय दीवानी न्यायालय, आगरा में विचाराधीन है। इस प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 05 जनवरी 2026 को ट्रस्ट एवं विद्यालय के प्रबंधन और प्रशासन के संबंध में यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का स्पष्ट आदेश पारित किया गया है, जो सभी पक्षों पर बाध्यकारी है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा उक्त आदेश की अवहेलना करते हुए लगातार विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मियों को धमकाने, विद्यालय परिसर के बाहर हंगामा करने तथा अवैध रूप से विद्यालय पर कब्ज़ा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, विपक्षी पक्ष द्वारा स्वयं को अधिकारहीन रूप से “नियुक्त” बताते हुए कथित पदाधिकारी एवं शिक्षक भी घोषित किए गए, जिनका विद्यालय के 14 वर्षों के संचालन से कोई संबंध नहीं रहा है।

 *29 जनवरी को हिंसक घटना* 
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि दिनांक 29 जनवरी 2026 को, स्कूल की छुट्टी के तुरंत बाद, एक सुनियोजित और हिंसक प्रयास के तहत अमित कुमार शर्मा ने चेहरे को कपड़े से ढककर मोटरसाइकिल से विद्यालय परिसर में प्रवेश किया। इसके तुरंत बाद राहुल शर्मा एवं अन्य लोग एक सफेद टोयोटा इनोवा वाहन से विद्यालय के गेट को जबरन धक्का देकर अंदर घुसने का प्रयास करने लगे।इस दौरान विद्यालय परिसर में भारी अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने अत्यधिक संयम बरतते हुए स्थिति को संभाला और किसी भी छात्र को क्षति होने से बचाया। आरोप है कि अमित कुमार शर्मा ने नशे की हालत में विद्यालय परिसर में हंगामा किया, महिला के प्रति अश्लील टिप्पणी की और स्वयं को झूठा पीड़ित दिखाने के उद्देश्य से “बचाओ-बचाओ” चिल्लाना शुरू कर दिया। *इसकी तहरीर भी 29 जनवरी की देर शाम पुलिस को मेल के जरिए भेज दी गई थी*

 *पुलिस की भूमिका पर सवाल* 
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि घटना के दौरान 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता मांगी गई, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के बजाय केवल थाने आने की सलाह दी गई, जिससे विद्यालय को स्वयं ही लगभग 1700 छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
कार्रवाई की मांग

 *विद्यालय प्रबंधन ने उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि:* 
न्यायालय के आदेश की अवहेलना, आपराधिक अतिक्रमण, धमकी, महिला की मर्यादा भंग करने एवं कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपों में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।

विद्यालय परिसर एवं आसपास पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।
न्यायालय के यथास्थिति आदेश के विरुद्ध किसी भी कथित नियुक्ति या निर्णय को मान्यता न दी जाए।

विद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह मामला केवल एक संस्थान का नहीं, बल्कि मेरठ के 1700 छात्रों की सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है, जिसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

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