तरुण आहुजा
नित्य संदेश, मेरठ। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटियाँ फाउंडेशन द्वारा एक जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, लैंगिक समानता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। साथ ही बालिकाओं ने कविताओं और अपने विचारों के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि “बेटियाँ बोझ नहीं, समाज की शक्ति हैं।”
संस्था अध्यक्ष अंजु पांडेय ने कहा कि जब एक बेटी शिक्षित और सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है। माधवी, शालिनी, अंशु, रूही द्वारा "सपना बेटी का" पर नाटिका प्रस्तुत की गई जिसमें बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की अपील की गई l
कार्यक्रम में उपस्थित प्रिंसिपल मालती मैडम, अध्यापक श्री अनिल जी ने बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन समाज को यह याद दिलाने का एक सार्थक प्रयास रहा कि बेटियों को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अंत मे बेटियाँ फाउंडेशन द्वारा सभी बच्चों को उपहार स्वरूप स्टेशनरी, कॉपी और खाने का सामान वितरित किया गया
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