नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में शनिवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और लोकतांत्रिक मूल्यों की आत्मा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने देश को राजनीति, साहित्य, कला, विज्ञान, शिक्षा और स्वतंत्रता संग्राम के क्षेत्र में अनगिनत महापुरुष दिए हैं, जिनकी विरासत आज भी राष्ट्र को दिशा प्रदान कर रही है।
कुलपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की यात्रा संघर्ष, संभावनाओं और निरंतर विकास की कहानी है। आज प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, उद्योग, स्टार्टअप और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रदेश की इस विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनें और अपने ज्ञान, कौशल एवं नवाचार के माध्यम से उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में योगदान दें।
प्रोफेसर शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है। यहां के विद्यार्थी ही भविष्य के प्रशासक, शिक्षक, वैज्ञानिक, पत्रकार और नीति निर्माता हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को समझना और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने मतदाता दिवस के संदर्भ में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक मतदाता पर निर्भर करती है। प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा वर्ग, का यह दायित्व है कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग निष्ठा, समझ और जिम्मेदारी के साथ करे। जागरूक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की नींव है।
कार्यक्रम में तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल द्वारा उत्तर प्रदेश पर आधारित 10 मिनट की वृत्तचित्र फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसमें प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात भाषण, पोस्टर, रंगोली एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में लोकतांत्रिक कर्तव्यों के निर्वहन की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता, समन्वयक प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा, शोध निदेशक प्रोफेसर वीरपाल सिंह, परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य सहित डॉ. नीरज सिंघल, डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अलका तिवारी, डॉ. मुनेश कुमार, डॉ. डी.एन. भट्ट, डॉ. कुलदीप त्यागी, डॉ. योगेश मोरल, मीडिया सेल सदस्य मितेंद्र कुमार गुप्ता, इंजीनियर प्रवीण पवार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, रमिता चौधरी, अमरपाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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