नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन धनसिंह कोतवाल के राष्ट्रीय
अध्यक्ष पवन गुर्जर ने मंगलवार को घोषणा की, कि शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरान्नद
महाराज के प्रयागराज में चल रहे सर्मथन को हमारा संगठन पूर्ण रूप से सर्मथन देता है।
पवन गुर्जर ने बताया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरान्नद
न केवल हिन्दू समाज के शीर्ष धर्म गुरु है, बल्कि सनातन धर्म के रक्षक, गौ-माता के
संरक्षण हेतू संघर्षत है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं। उनके सम्मान पर
किया गया कोई भी आघात सम्पूर्ण सनातन समाज का अपमान है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त
नहीं किया जाएगा। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्तमान में सरकार एवं प्रशासन द्वारा
सोची-समझी साजिश के अंतर्गत शंकराचार्य को रोके जाने का प्रयास किया गया, जिससे उनकी
हिंदत्त्ववादी छवि को धूमिल किया जा सके। यह स्पष्ट होना चहिए कि राजनीति और धर्म को
एक व्यक्ति द्वारा एक साथ साधना संभव नहीं है। यदि कोई योगी या संत होने का दावा करता
है, तो उसे सत्ता का मोह त्याग कर धर्म और समाज सेवा के मार्ग पर चलना चाहिए। जिस महापुरूष
का जन्म सनातन धर्म की रक्षा के लिए हआ हो, उसका कोई भी षडयंत्र कुछ नहीं बिगाड सकता।
शकराचार्य द्वारा गो-माता की रक्षा, गो-हत्या निषेध एवं
धर्म सम्मत नीतियों को लेकर उठाए गए सभी प्रश्न न्यायोचित हैं और सरकार का कर्तव्य
है कि वह इन पर शीघ्र एवं ठोस निर्णय ले, यह भी अत्यंत पीडादायक है कि प्रशासनिक विफलताओं
के कारण आज धर्म का मजाक उड़ रहा है और संत समाज में आपसी खटास की स्थिति उत्पन्न हो
रही है, जो पूरे हिंदू समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
भारतीय किसान यूनियन (धनसिंह कोतवाल) यह स्पष्ट करती है
कि देश का पृत्येक जागरूक हिंदू शंकराचार्य अविमुक्तेश्रान्नद के साथ खडा है। आवश्यकता
पड़ने पर संगठन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं सवैधानिक आंदोलन करेगा। किसान समाज अपने
धर्म, आस्था और सनातन मूल्यों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। हम स्वयं को
गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की परंम्परा का वंशज मानते हैं, जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों
से संघर्ष कर भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा के लिए ढाल बनकर कार्य किया।
वही चेतना आज भी हमारे संगठन का मार्गदर्शन कर रही है।

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