सीसीएसयू सीटीयू (प्राग), चेक गणराज्य के बीच एमओयू के अंतर्गत हुआ कार्यक्रम
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग द्वारा सर सी.वी. रमन सेमिनार हॉल में विशेष आमंत्रित व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय तथा फैकल्टी ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, चेक टेक्निकल यूनिवर्सिटी (CTU), प्राग, चेक गणराज्य के मध्य हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चेक टेक्निकल यूनिवर्सिटी, प्राग से पधारे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रो. रूपेन्द्र कुमार शर्मा ने “यूरोप में ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में शोध एवं अवसर” विषय पर अत्यंत ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने यूरोप में ऊर्जा क्षेत्र में विकसित हो रही उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीन शोध प्रवृत्तियों, इंडस्ट्री–अकादमिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
प्रो. शर्मा ने अपने व्याख्यान में घरों और उद्योगों से निकलने वाली अवांछित ऊष्मा (waste heat) के संचयन तथा आवश्यकता पड़ने पर उसके पुनः उपयोग की अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्नत ताप–ऊर्जा भंडारण तकनीकों (Advanced Thermal Energy Storage Systems) की मदद से आने वाले अगले 2033 तक लगभग 10% वेस्ट हीट को प्रभावी रूप से संग्रहित कर पुनः उपयोग में लाने का लक्ष्य यूरोपियन यूनियन द्वारा निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी समझाया कि कैसे भवनों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कारखानों और ऊर्जा संयंत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ऊष्मा व्यर्थ निकल जाती है, किस प्रकार आधुनिक सामग्री इस अवांछित ऊष्मा को सुरक्षित रख सकती हैं, और किस प्रकार इस संग्रहीत ऊष्मा का उपयोग बाद में हीटिंग, कूलिंग, ड्राइंग, औद्योगिक प्रक्रियाओं तथा कुछ स्थितियों में बिजली उत्पादन के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में कार्य करने से ऊर्जा की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी, और उद्योगों की दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को यूरोपीय शोध परियोजनाओं, फेलोशिप/स्कॉलरशिप योजनाओं, संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों तथा वैश्विक सहयोग के मार्गों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रो. शर्मा ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को यूरोपियन यूनियन द्वारा वित्तपोषित प्रमुख शोध एवं शिक्षा कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से बताया, जैसे— Horizon Europe Programme यूरोप का सबसे बड़ा अनुसंधान व नवाचार कार्यक्रम, जो ऊर्जा, पर्यावरण, डिजिटल तकनीक और उन्नत सामग्री पर शोध को प्रोत्साहित करता है। European Research Council (ERC Grants) उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को विश्व–स्तरीय रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए अनुदान प्रदान करता है, जिसमें Starting, Consolidator, Advanced और Synergy grants शामिल हैं। Marie Skłodowska-Curie Actions (MSCA Fellowships) शोधार्थियों और पोस्टडॉक के लिए अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता, कौशल विकास और वैश्विक सहयोग प्रदान करने वाला प्रमुख कार्यक्रम। Erasmus Mundus Student Exchange Programme अंतरराष्ट्रीय मास्टर्स और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को यूरोप के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययन और सांस्कृतिक अनुभव का अवसर देता है। इन कार्यक्रमों में आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड तथा सहयोग के संभावित अवसरों की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर विज्ञान संकाय की डीन प्रो. जयमाला, भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार मलिक, प्रो.अनुज कुमार, प्रो. संजीव कुमार शर्मा, प्रो. नीरज पंवार, डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ.विवेक कुमार नौटियाल तथा डॉ. कविता शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई, जिसने वातावरण को पूर्णतः शैक्षणिक और शुभ बना दिया। इसके पश्चात डॉ. कविता शर्मा ने मुख्य अतिथि प्रो. रूपेन्द्र कुमार शर्मा का विस्तृत और प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया। प्रोफेसर रूपेंद्र कुमार शर्मा, प्राग, चेक रिपब्लिक में चेक टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 2010 से यूरोप में फैकल्टी काम कर रह है।। प्रोफेसर रूपेंद्र कुमार शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से संजीव कुमार शर्मा के साथ अपनी डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की। उन्होंने प्रो. शर्मा के शैक्षणिक योगदान, अंतरराष्ट्रीय शोध अनुभव तथा ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों पर प्रकाश डाला। इसके बाद भौतिकी विभागाध्यक्ष व विभाग की फैकल्टी सदस्योँ द्वारा प्रो. शर्मा का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया तथा विश्वविद्यालय और अतिथि वक्ता के बीच अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने की भावना को प्रकट किया।
शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने यूरोप में उच्च शिक्षा, ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में करियर संभावनाएं, रिसर्च प्रपोज़ल लेखन तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर अनेक प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. शर्मा ने अत्यंत सरल, व्यावहारिक एवं मार्गदर्शक उत्तर प्रदान किया। अंत में भौतिकी विभाग की ओर से प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने अतिथि वक्ता का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
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