Breaking

Your Ads Here

Sunday, January 25, 2026

बॉर्डर-2 के निर्माता-निर्देश और कलाकारों के खिलाफ एफआईआर


-बहुजन जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से परतापुर थाने में दी गई तहरीर

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। फिल्म 'बॉर्डर 2' को लेकर मेरठ में विवाद सामने आया है, निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के विरुद्ध जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और दलित समाज के अपमान के लिए परतापुर थाने में शिकायत की गई है। 

हाल ही में रिलीज हुई फिल्म बॉर्डर 2' के एक आपत्तिजनक शब्द को लेकर विवाद गहरा गया है। बहुजन जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने रविवार को परतापुर थाने में तहरीर देते हुए बताया कि यह शब्द फिल्म के समय 27 मिनट 37 सेकंड पर दृश्य दर्शाया गया है, जिसमें सैनिक का किरदार निभा रहे कलाकार आपस में बातचीत कर रहे हैं, वहाँ एक कलाकार जूता पॉलिश कर रहा है, तभी वहां एक दूसरे कलाकार के द्वारा जानबूझकर "चुप बे चमट्टे " जैसे अति-अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया है, यह शब्द न केवल करोड़ों दलित समाज के लोगों की गरिमा को तार-तार करता है, बल्कि यह एक सुनियोजित षडयंत्र प्रतीत होता है, जो अत्यंत अपमानजनक लहजे में किया गया है। यह शब्द और बातचीत का ढंग सीधे तौर पर करोड़ों दलित समाज के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देता है। इससे देश और समाज में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने और सांप्रदायिक माहौल में तनाव पैदा करने की कोशिश की गई है।

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग
यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 192, 299, 353 (2), 61 (2) एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम (SC/ST ACT) की सुसंगत धाराओं के तहत एक दंडनीय अपराध है। इससे न केवल दलित समाज की भावनाओं बल्कि, पूरे दलित समाज के मान-सम्मान को गहरी चोट पहुँची है। इस कृत्य के लिए निर्देशक अनुराग सिंह, निर्माता भूषण कुमार (टी-सीरीज़), जे.पी. दत्ता, निधि दत्ता एवं कलाकार वह अभिनेता जिसने यह संवाद बोला है के खिलाफ शिकायत की गई है।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here