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Monday, December 8, 2025

इंस्पेक्टर अरुण राय केस: फलावदा के दांदूपुर की रहने वाली है मीनाक्षी शर्मा

 


-सिपाही मोहित का आरोपी मीनाक्षी, उसके पिता और भाई करते हैं ब्लैकमैलिंग


लियाकत मंसूरी

नित्य संदेश, मेरठ। जालौन के कुठौंद थाने में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय (52) की मौत के मामले में कसूरवार महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा (28) फलावदा थाना क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर उर्फ दांदूपुर गांव की रहने वाली है। नवंबर में उसकी सगाई हुई थी। 8 फरवरी को उसकी शादी तय थी। रविवार को जिस समय उसे जेल भेजा गया, पिता विपिन कुमार शर्मा और भाई उसी के पास थे। इस दौरान पिता ने कहा कि लाली, चिंता मत करो, छुड़ा लेंगे।


जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी की जीवनशैली ठाठ-बाट की थी। जिस कमरे में वह रहती थी, वहां एसी लगा है। वह आईफोन यूज करती थी। महिला सिपाहियों से उसका मेलजोल कम था। ज्यादातर वक्त फोन पर रहती थी। इंस्पेक्टर राय और मीनाक्षी जुलाई- 2024 में एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दोनों उस वक्त जालौन के कोंच थाने में तैनात थे, तभी उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। कोंच से उरई ट्रांसफर होने के बाद मीनाक्षी का इंस्पेक्टर राय के पास आना-जाना था। जब उनका ट्रांसफर कुठौंद थाने में किया गया तो वहां भी अक्सर मीनाक्षी आती थी। वह आई-फोन यूज करती थी। उसने हाल ही में 3 लाख का हार लिया था। चर्चा है कि इंस्पेक्टर राय ने ही इसे दिलवाया था। इंस्पेक्टर राय के अलावा भी लगातार वह अपने सीनियर इंस्पेक्टर और दरोगा के संपर्क में रहती थी। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ये पता कर रही है कि उसके अपने सीनियर अफसरों के साथ किस तरह के संपर्क थे। मीनाक्षी के पास 3 मोबाइल और 4 सिम, जबकि इंस्पेक्टर के पास 3 सिम मिले हैं। सभी का डेटा खंगाला जा रहा। वह घटना के दिन कार से एक सिपाही अंकित के साथ मेरठ से जालौन आई थी।



सिपाही ने कहा-फंसाकर मांगे थे 25 लाख रुपये

मीनाक्षी की शादी तय हो गई थी। फरवरी- 2026 में उसकी शादी होनी है। इंस्पेक्टर के करीबी लोगों ने बताया कि मीनाक्षी इंस्पेक्टर पर अपनी शादी का पूरा खर्च उठाने का दबाव बना रही थी। वह 25 लाख रुपए खर्च करने की डिमांड कर रही थी। धमकी देती थी कि अगर शादी का खर्च नहीं उठाया तो वीडियो पत्नी को भेज देगी। मीनाक्षी शर्मा जालौन से पहले पश्चिम यूपी में पीलीभीत में तैनात थी। वहां भी एक सिपाही ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी ने उसे फंसाकर 25 लाख रुपए मांगे हैं। मामला कोर्ट में है, लेकिन वह आती नहीं है, क्योंकि, मुकदमा झूठा था। मोहित का आरोप है कि सिपाही मीनाक्षी, उसके पिता और भाई इसी तरह कई पुलिसकर्मियों को जाल में फंसा कर ब्लैकमेल कर चुके हैं।


अमरिया थाने के दरोगा भी हो चुके शिकार

सिपाही मोहित ने बताया- 2022 में मेरी पोस्टिंग पीलीभीत के पूरनपुर थाने में थी। इसी दौरान मीनाक्षी की भी वहां तैनाती हुई। पहले वह दोस्ती के बहाने करीब आई और फिर उसने मुझे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। कुछ महीनों बाद उसने अपने पिता और भाई के जरिए रुपए मांगना शुरू कर दिया। वो लोग 25 लाख की डिमांड कर रहे थे। सिपाही का कहना है कि पैसों से इनकार करना ही उनके लिए सबसे भारी पड़ गया। मोहित ने कहा- जब मैंने रुपए नहीं दिए, तो मीनाक्षी ने पीलीभीत कोतवाली में 2022 में मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। उसी केस में मुझे दो महीने जेल में रहना पड़ा। उस दौरान मेरी जिंदगी खत्म हो गई थी। पीड़ित सिपाही ने दावा किया कि वह मीनाक्षी के अकेले शिकार नहीं हैं। मीनाक्षी ने अमरिया थाने में तैनात एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक को भी इसी तरह फंसाया था। उन्होंने पैसे देकर उससे पीछा छुड़ाया था।

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