-कोर्ट द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के लिए चार हफ्तों
का समय दिया
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। समाजवादी पार्टी के नेता रहे दीपक गिरी और उनकी
मंगेतर कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित पर भावनपुर थाने में दर्ज मुकदमे में हाईकोर्ट से
बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी
पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर है और इसे विस्तार से सुनने की जरूरत है।
भावनपुर थाने में 25 अक्टूबर को एक मुकदमा लिखवाया गया
था। ये मुकदमा पूनम पंडित के मंगेतर सपा नेता दीपक गिरी की एक्स गर्लफ्रैंड की तरफ
से लिखवाया गया था। जिसमें उक्त महिला ने दीपक गिरी पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म,
ठगी, मारपीट और पूनम पंडित पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल, अपहरण करने जैसी कुछ धाराओं
में था। मामला इसके बाद न्यायालय में पहुंचा तो उसमें अब चार्जशीट दाखिल करने तक गिरफ्तारी
में रोक के आदेश दिए गए। अदालत ने कहा कि पहले दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातें लिखित में
रखें। इसके साथ ही कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई या चार्जशीट
दाखिल होने तक गिरफ्तारी नहीं होगी। कोर्ट द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के लिए चार हफ्तों
का समय दिया गया है।
न्यायालय पर पूरा भरोसा- पूनम पंडित
मुकदमे में राहत मिलने के बाद पूनम पंडित ने कहा कि हमें
न्यायालय पर पूरा भरोसा है, जो सच है वह सबके सामने जल्द ही आ जाएगा। सभी आरोप निराधार
है हमारे पास सभी सबूत भी हैं, जो हम न्यायालय को देंगे। पूनम पंडित ने अपने ऊपर सिविल
लाइन थाने में दर्ज हुए दूसरे मुकदमे को भी गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रमाण
पत्र का जिक्र मुकदमे में किसा गया है वो मैंने 26 अक्टूबर को दिखाया था। अगर वह गलत
था तो इन्होंने तत्काल मुकदमा क्यों नहीं किया? इस प्रकार 25 दिन बाद मुकदमा कराना
यह दर्शाता है कि यह केवल मुझे बदनाम करने की साजिश है।
सामाजिक तरीके से जल्द करूंगी शादी
पूनम पंडित ने अपनी शादी को लेकर कहा कि मेरी और दीपक
की शादी 26 नवंबर को होनी थी, लेकिन हमारा यह न्यायालय का फैसला देरी से आने के कारण
इतनी जल्दी शादी की तैयारी करना संभव नहीं था, इसलिए अभी स्थगित कर दिया है। परिवार
जल्द ही एक साथ बैठकर तारीख तय करेगा और जल्द ही हिंदू संस्कृति के अनुसार हम शादी
करेंगे।

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