-भाकियू (आज़ाद) के इंजी. शादाब चौधरी की पहल की किसान
कर रहे सराहना
वसीम अहमद
नित्य संदेश, किठौर। भारतीय किसान यूनियन (आज़ाद) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ाए जाने को लेकर दायर याचिका अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। संगठन के युवा जिलाध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी की इस पहल को ग्रामीणों व किसानों द्वारा खुलकर सराहा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से एसआईआर प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं के चलते लोग गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे थे।
याचिका इंजीनियर शादाब चौधरी द्वारा एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड
अनसार अहमद चौधरी तथा एडवोकेट अनस चौधरी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई
है। इसमें कहा गया है कि एसआईआर की मौजूदा प्रक्रिया में भारी खामियां और तकनीकी दिक्कतें
सामने आ रही हैं, जिसके कारण न तो समय पर फॉर्म मिल पा रहे हैं और न ही अपलोडिंग का
काम सही ढंग से हो पा रहा है। याचिका में पिछले कई दिनों से सामने आ रही परेशानियों
को विस्तार से दर्शाया गया है, जिनमें कई क्षेत्रों में बीएलओ पर अत्यधिक कार्यभार
होने से वे मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं तो कई स्थानों पर फॉर्म गलत श्रेणी में
अपलोड हो रहे हैं या फिर बड़ी संख्या में लोगों को फॉर्म मिले ही नहीं, जिससे वे प्रक्रिया
से बाहर रह गए। हालांकि कुछ गांवों में ऐसे मामले सामने भी आए हैं, जहाँ 2003 में जिनकी
वोट थी, लेकिन उनका नाम अब सूची से गायब है। इन त्रुटियों के कारण आम जनता की शिकायतें
लगातार बढ़ती जा रही थीं। किसान संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला
बताते हुए न्यायालय के हस्तक्षेप की मांग की थी।
5 दिसंबर को होगी सुनवाई
मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए याचिका
को सुप्रीम कोर्ट में मेंशन किया गया, जिसके बाद न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते
हुए इसे स्वीकार कर लिया। अब इस याचिका पर आगामी 5 दिसंबर को सुनवाई होगी। जिससे किसानों
को उम्मीद है कि कोर्ट एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और सभी के लिए सुलभ बनाने
को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी करेगा।

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