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Saturday, November 15, 2025

हार्परकॉलिन्स इंडिया प्रकाशित कर रहे हैं गौर गोपाल दास की नई किताब यू कैन हैव इट ऑल



नित्य संदेश ब्यूरो 
नई दिल्ली। हार्परकॉलिन्स इंडिया गौर गोपाल दास की आगामी किताब, यू कैन हैव इट ऑल को प्रकाशित कर रहे हैं| यह किताब दिसम्बर 2025 में अंग्रेजी में और फिर उसके बाद अन्य भारतीय भाषाओँ में प्रकाशित की जाएगी| हमारे समय के सबसे प्रभावशाली संन्यासी और विचारक के रूप में विख्यात, गौर गोपाल दास अपनी किताबों, टॉक्स और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं|

यू कैन हैव इट ऑल गौर गोपाल दास की अब तक की सबसे व्यक्तिगत और गहन कृति है। इस नई किताब में वे जीवन में संतुलन की राह दिखाते हैं — यह उन सभी के लिए एक फ्रेमवर्क है जो बिना किसी त्याग के, अपने सपनों और लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं| गौर गोपाल दास कहते हैं, “जब मैंने यू कैन हैव इट ऑल लिखना शुरू की, तब मैं सिर्फ एक कहानी लिखने की कोशिश नहीं कर रहा था—मैं उस सवाल का जवाब तलाश रहा था, जो हम सभी के अंदर दबे पाँव बैठा रहता है: क्या हम सच में सब पा सकते हैं? खुशियाँ, सफलता, प्रेम, सेहत, शांति—क्या खुद को खोए बगैर, इन्हें संतुलित करने का कोई तरीका है? इस किताब में मैंने जीवन के प्रति अपने विचारों को एक कहानी के माध्यम से पिरोया है| यह एक ऐसी दुनिया में संतुलन तलाशने की कोशिश है, जो हमें लगातार अलग-अलग दिशाओं में खींच रही है| हास्य, ईमानदारी और अपनेपन के साथ लिखी गई यह किताब हर उस पाठक के लिए एक आईना है, जो कभी यह सोचने के लिए रुका है कि क्या वह सही चीज़ों का पीछा कर रहा है।मुझे आशा है कि यू कैन हैव इट ऑल आपको कुछ देर ठहरकर, अपने अंदर झाँकने और उन धुनों को सुनने का अवसर देगी, जो निरंतर हमारे अंदर चल रही हैं|”

हार्परकॉलिन्स इंडिया की एग्जीक्यूटिव पब्लिशर, पौलोमी चटर्जी कहती हैं, “आज के समय में बहुत कम ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनके पास हम भारतीय आध्यात्मिक और व्यावहारिक सलाह की तलाश में बार-बार आते हैं। उनमें से, गौर गोपाल दास अपनी विशिष्ट शैली, गर्मजोशी भरी सहानुभूति और सौम्य हास्य के माध्यम से दिए गए गहन लेकिन सरल मार्गदर्शन के लिए लोकप्रिय हैं। हार्परकॉलिन्स इंडिया में हम बेहद खुश हैं कि हम उनकी नई किताब प्रकाशित कर रहे हैं--एक ऐसी किताब जो यकीनन लोगों के जीवन को बदल देगी क्योंकि यह उन गहरे सवालों पर निशाना साधती है, जिनसे हम सभी जूझते हैं।”

हार्परकॉलिंस इंडिया की एग्जीक्यूटिव एडिटर, तृषा बोरा कहती हैं, “एक ऐसी दुनिया में जहाँ हम सभी का फोकस अपनी कमियों पर है, गौर गोपाल दास की नई किताब हमें बताती है कि हमारे भीतर पहले से ही क्या है। इस साल की हमारी सबसे बड़ी किताब, यू कैन हैव इट ऑल एक गहन स्पिरिचुअल और साथ ही एक प्रैक्टिकल गाइड है, जो पाठकों के लिए बहुत मददगार रहेगी| गौर गोपाल दास जी के साथ उनकी किताब पर काम करना हमारी खुशनसीबी है – वो दिल से लिखते हैं और बेहद अपनेपन से ज्ञान की बातें कह जाते हैं| आज के समय की चुनौतियों को उनसे बेहतर कोई और नहीं समझता, और उनकी किताब प्रकाशित करना हमारे लिए गर्व का अवसर है|”

 किताब के बारे में
प्रकाशन दिसम्बर 2025 | प्री-ऑर्डर जल्द ही शुरू होगा
हममें से अधिकाश लोग अपना जीवन सपनों का पीछा करने में बिताते हैं—खुशियाँ, प्यार, सेहत, वित्तीय स्वतंत्रता, सुरक्षा इत्यादि|

लेकिन क्या हम सच में ये सब पा सकते हैं?

नवंबर की एक सर्द सुबह, गौर गोपाल दास अपने मित्र, राकेश अरोड़ा के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए जैसलमेर पहुँचते हैं| शादी की तीन दिनों के फंक्शन के दौरान वे अरोड़ा परिवार और होने वाली दुल्हन के परिवार के बहुत से लोगों से मिलते हैं| शादी के दिन से पहले एक बिन बुलाया मेहमान वहां आ धमकता है, और उसके आने से दोनों परिवारों का संबंध बनने से पहले ही टूटने की कगार पर आ जाता है|

अपने मेजबानों और उनके मेहमानों के साथ बातचीत के दौरान गौर गोपाल दास उनके दिलों में छिपे भय और इच्छाओं को उजागर करते हैं और उन्हें शांत करने वाली सलाह देते हैं, साथ ही वह जीवन के उतार-चढ़ावों के माध्यम से अपनी यात्रा का भी खुलासा करते हैं।

गौर गोपाल दास की बहुप्रतीक्षित किताब, यू कैन हैव इट ऑल महत्वाकांक्षा और सपनों के बीच फँसे हम जैसे लोगों के लिए एक राह प्रस्तुत करती है। उनकी विशिष्ट शैली, गहन सहानुभूति और सौम्य ज्ञान से युक्त, यह किताब हमें यह समझने के लिए प्रेरित करती है कि हमारा नजरिया कैसे हमारी वास्तविकता को आकार देता है, अपनी कमियों को पहचानना और उन पर विजय पाना सीखें, और आत्म-करुणा विकसित करें, जिसके जरिये हम इस जीवन को और बेहतर बना सकते हैं|

 

लेखक के बारे में

 

गौर गोपाल दास ने पुणे के कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। हेवलेट-पैकर्ड में कुछ समय बिताने के बाद, उन्होंने अपना जीवन अध्यात्म और सेवा के लिए समर्पित करने का फैसला किया और मुंबई के एक आश्रम से जुड़ गए।

तीन दशकों से भी ज़्यादा समय से, वहाँ रहते हुए वे प्राचीन दर्शन के शाश्वत ज्ञान और आधुनिक मनोविज्ञान को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इस सफ़र ने उन्हें दुनिया के सबसे सम्मानित लाइफ कोच और मोटिवेशनल स्पीकर्स में से एक बना दिया है।

गौर गोपाल दास ने दुनियाभर की यात्रा की है, कॉर्पोरेट नेताओं, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संगठनों को संबोधित किया है, और न्यूयॉर्क में यूनाइटेड नेशंस में भाषण दिया है। 2016 में जब उन्होंने अपना संदेश ऑनलाइन प्रसारित किया, तो उनकी वैश्विक पहुँच तेज़ी से बढ़ी। आज, उनके वीडियो पर 2.5 बिलियन से ज़्यादा व्यूज़ और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर 25 मिलियन से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स के साथ, वे लाखों लोगों को उद्देश्य, संतुलन और खुशी पाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।

वे दो नेशनल बेस्टसेलर किताबों के लेखक हैं और उन्हें कई सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड और भुवनेश्वर स्थित केआईआईटी विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट (डी-लिट) की उपाधि शामिल है। आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली साधुओं में से एक माने जाने वाले गौर गोपाल दास लोगों को अधिक सार्थक और संपूर्ण जीवन जीने की राह दिखाते हैं

 

हार्परकॉलिंस इंडिया के बारे में

 

हार्परकॉलिन्स इंडिया भारतीय उपमहाद्वीप और दुनियाभर के कुछ बेहतरीन लेखकों को प्रकाशित करता है| यहां हर साल लगभग 250 नई किताबें प्रकाशित होती हैं| हार्परकॉलिंस के10 इंप्रिंट सहित इसके कैटेलॉग में हर साल 3,000 से अधिक प्रिंट और डिजिटल किताबें शामिल होती हैं| हार्परकॉलिन्स भारत का एकमात्र प्रकाशक है, जहाँ शिक्षा से लकर मनोरंजन तक की किताबें प्रकाशित होती हैं। इसके लेखकों में मैन बुकर प्राइज, जेसीबी प्राइज, डीएससी प्राइज, न्यू इंडिया फाउंडेशन अवार्ड, अट्टा गलाता प्राइज, शक्ति भट्ट प्राइज, गौर्मंड कुकबुक अवार्ड, पब्लिशिंग नेक्स्ट अवार्ड, टाटा लिटरेचर लाइव! अवार्ड, गज कैपिटल बिजनेस बुक प्राइज, बीआईसीडब्ल्यू अवार्ड, सुशीला देवी अवार्ड, साहित्य अकादमी अवार्ड और क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड सहित लगभग हर प्रमुख साहित्यिक पुरस्कार विजेता शामिल हैं। हार्परकॉलिन्स इंडिया हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, गैलप प्रेस, वनवर्ल्ड, बोनिएर जेफरे, अशर्बोर्न, डोवेर और लोनली प्लेनेट का प्रतिनिधित्व भी करता है| हार्पर कॉलिन्स भारत के सबसे ज़्यादा पुरस्कार प्राप्त प्रकाशकों में से एक है और इसे कई बार "द पब्लिशर ऑफ़ द ईयर" पुरस्कार मिल चुका है। हार्परकॉलिन्स इंडिया, हार्पर कॉलिन्स पब्लिशर्स की एक सहायक कंपनी है। 



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