-कार्यकारिणी मजलिस-ए-आमिला, मजलिस-ए-मुंतज़िमा के सदस्यों
ने लिया भाग
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। कमालपुर स्थित मोहम्मदी मस्जिद में जमीयत उलमा तहसील
मेरठ की एक महत्वपूर्ण सलाहकार बैठक आयोजित हुई, जिसमें संगठन की कार्यकारिणी (मजलिस-ए-आमिला)
और प्रबंधन समिति (मजलिस-ए-मुंतज़िमा) के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक विभिन्न महत्वपूर्ण
धार्मिक, संगठनात्मक और सामाजिक मामलों पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई थी।
मौलाना नबील अहमद कमालपुरी ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि
मुफ़्ती खालिद सैफुल्लाह ने संचालन (निज़ामत) किया। बैठक में तहसील सरधना और मवाना
के पदाधिकारियों ने भी विशेष रूप से भाग लिया। बैठक में उपस्थित लोगों को एसआईआर के
बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि वे इस महत्वपूर्ण मामले की संवेदनशीलता को जान
सकें। मेरठ से विशेष रूप से बुलाए गए वक्फ विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वक्फ से संबंधित
कानूनों और उसके महत्व को स्पष्ट किया। इस अवसर पर प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ,
जिसमें विशेषज्ञों ने संतोषजनक उत्तर देकर उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया। बैठक
में कई प्रमुख उलमा और ज़िम्मेदारान मौजूद थे। बैठक का समापन जमीयत उलेमा ज़िला मेरठ
के संरक्षक मौलाना शहाबुद्दीन की भावुक दुआ पर हुआ, जिसमें अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से
सभी प्रयासों की क़बूलियत (स्वीकृति) की दुआ की गई।
3 दिसंबर को भोपाल में होगा सम्मेलन
जमीयत उलेमा मेरठ की तीनों तहसीलों (मेरठ, सरधना, मवाना)
के ज़िम्मेदारों की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया कि इस्लाह-ए-मुआशरा (समाज सुधार)
के लिए हर तहसील में पाँच से सात व्यक्तियों की एक कमेटी गठित की जाएगी। हर कमेटी में
एक संयोजक (नाज़िम) और एक उप-संयोजक (नाएब नाज़िम) होगा, जबकि बाकी लोग सदस्यों के
रूप में काम करेंगे। उपस्थित लोगों से भोपाल में 3 दिसंबर को आयोजित होने वाली केंद्रीय
प्रबंधन समिति (मजलिस-ए-मुंतज़िमा मरकज़िया) की बैठक में भरपूर भागीदारी करने का अनुरोध
किया गया।

No comments:
Post a Comment