नित्य संदेश ब्यूरो
शामली: मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज, के डॉक्टरों ने जनपद निवासी 62-वर्षीय अशोक कुमार के सीने से करीब 20 सेंटीमीटर का और 3 किलो से अधिक वज़न वाला एक दुर्लभ ट्यूमर सफलतापूर्वक हटाया। यह ट्यूमर आकार में लगभग एक छोटे तरबूज के बराबर था। इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज की सांस लेने की क्षमता और समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। यह सर्जरी मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज, के थोरेसिक सर्जरी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, के नेतृत्व में की गई।
अशोक कुमार को गंभीर सांस लेने में तकलीफ के चलते मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज, के इमरजेंसी विभाग में लाया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि उनके सीने के दाईं ओर एक बहुत बड़ा ट्यूमर था, जो फेफड़े को दबा रहा था और आसपास के अंगों को विस्थापित कर रहा था। जांच में यह ट्यूमर लाइपोमैटस ट्यूमर (फाइब्रोलाइपोमा) पाया गया — जो फैट और फाइब्रस टिशूस से बना एक बड़ा, नॉन-कैंसरस ट्यूमर होता है।
मामले के बारे में जानकारी देते हुए, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज, के थोरेसिक सर्जरी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, ने बताया, “यह केस काफी कॉम्प्लेक्स था, इसलिए मरीज की ओपन राइट थोरेकोटॉमी सर्जरी की गई, जिसमें दाईं तरफ पसलियों के बीच चीरा लगाकर ट्यूमर को सावधानीपूर्वक निकाला गया। इससे मरीज के फेफड़ों को पुनः फैलने और सामान्य रूप से कार्य करने में मदद मिली।”
डॉ. अग्रवाल, ने आगे बताया, “सर्जरी के बाद मरीज को गहन पोस्ट-ऑपरेटिव केयर दी गई और 10 दिन बाद उन्हें स्वस्थ स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया। वर्तमान में मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं और नियमित फॉलो-अप की सलाह दी गई है ताकि पूर्ण रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।”
यह मामला मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज, की कॉम्प्लेक्स थोरेसिक सर्जरी में उच्चस्तरीय और जीवनरक्षक उपचार प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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