सपना सीपी साहू
नित्य संदेश, इंदौर। विश्व पर्यावरण सम्मेलन 8 से 13 नवम्बर 25 बैंकॉक थाईलैंड में शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय इंदौर से वनस्पति विज्ञान की सहायक प्राध्यापक डॉ. आरती चौहान ने औद्योगिक प्रदूषण से होने वाले फसलों पर दुष्प्रभाव का मॉडल प्रस्तुत किया।
उनके द्वारा यह बताया कि भारत के मध्य प्रदेश में पीथमपुर इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र में इस प्रकार से पर्यावरण प्रबंधन किया गया है। इन औद्योगिक चिमनियों से निकलने वाली SO2 और अन्य गैसें से फसलों पर होने वाले दुष्प्रभाव को किस प्रकार कम किया जा सकता है और इसका अच्छा प्रबंध कर सकते हैं। उन्होंने अपने पेपर प्रस्तुतिकारण में बहुत ही अच्छा पर्यावरणीय प्रबंधन मॉडल प्रस्तुत किया। उनके शोध पत्र की सराहना भारतीय एवं थाईलैंड के शिक्षाविदों द्वारा की गई। इन्हें पर्यावरण प्रदूषण के प्रभाव को आकलन करने के लिए प्रथम स्थान पर चुना गया।
उन्होंने विश्व पर्यावरण सम्मेलन में यह भी बताया कि भारत का इंदौर शहर सबसे स्वच्छ शहर और वहां पर विभिन्न प्रकार के जहरीला कचरा और ग्रीन सूखा / गीला प्रदूषकों का नियंत्रण एवं प्रबंध एक रोल माडल के रूप में पूरे देश में अपनाया जा रहा है। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण प्रबंध को भी पूरे देश ही नहीं अपितु विश्व में भी अपनाया जाने लगा है। उनके द्वारा यह किस प्रकार से चिमनियों से निकलने वाले जहरीले धुऐ का प्रभाव स्थानी फसलों पर पड़ रहा था, इसको कंट्रोल करने के लिए एक मॉडल तैयार किया गया। इस उपलब्धि के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीडी श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. बीपी बैरागी एवं समस्त प्राध्यापकों द्वारा बधाइयां दीजिए।

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