अर्जुन देशवाल
नित्य संदेश, बहसूमा। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरा रामराज व बहसूमा में धूमधाम से मनाया गया। रावण वध के लिए लंका में श्री राम, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव, नील, अंगद ने रावण की सेवा से युद्ध कर रावण का वध किया। विजय के लिए साहस के साथ धैर्य, मधुर वाणी, सकारात्मक विचार ,दूरदर्शिता, क्षमा ,पूर्वाग्रह मुक्त दृष्टिकोण आदि से बड़ा कोई दूसरा शास्त्र नहीं है। विजयदशमी दशहरा के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। मेले में बच्चों व महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। देर शाम रावण का पुतला दहन किया गया।
बता दें कि बहसूमा व रामराज में बुराई पर सच्चाई का प्रतीक विजयदशमी पर्व बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। बृहस्पतिवार देर शाम रामलीला मैदान में 35 फुटे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान आतिशबाजी की गई जिससे आसमान जगमगा में उठा। अंडर ट्रेनिंग डीएसपी व थाना प्रभारी क्रिस राजपूत ने कहा कि हमें भगवान श्री राम की शिक्षाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें जीवन में नई सीख देने वाला है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में जागरूकता आई है। उन्होंने श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी ।इस दौरान कलाकारों ने राम और रावण युद्ध का सुंदर चित्रण किया। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से अंडर ट्रेनिंग डीएसपी व थाना प्रभारी क्रिस स राजपूत पुलिस फोर्स के साथ मेले परिसर व रामलीला मैदान में मौजूद रहे।
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