नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट (उपज) द्वारा शनिवार को मेरठ जिला कार्यकारिणी गठन समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लेखक एवं पत्रकार लियाकत मंसूरी द्वारा लिखित उपन्यास ‘छू लिया आसमां’ का भी विमोचन होगा। गौरतलब है कि लियाकत मंसूरी का यह तीसरा उपन्यास है, इस नॉविल से उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी की है।
जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने बताया कि समारोह और विमोचन कैंट क्षेत्र के मॉल रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मैनेजमेंट सभागार में होगा। जिसमें साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे। हाल ही उपज का चुनाव संपन्न हुआ था, जिसमें जिलाध्यक्ष सहित महामंत्री और कोषाध्यक्ष पदाधिकारियों को चुना गया था। जिला कार्यकारिणी का गठन कर लिया गया है, समारोह में सभी नए पदाधिकारियों के नामों की घोषणा होगी और उनको प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
सोचने पर विवश कर देगा "छू लिया आसमां"
श्री चौधरी ने बताया कि लियाकत मंसूरी का यह तीसरा उपन्यास है। अपने दो सुपरहिट रहे क्राइम थ्रिलर्स नॉविल के बाद इस उपन्यास से हैट्रिक भी पूरी की है। 'छू लिया आसमां' 'मुझे उड़ने दो' का ही दूसरा भाग है। इसमें वे तमाम रहस्य है, जो पाठकों को बांधे रखेंगे। बहुत सारी गुत्थियां है, जो उलझाए रखेगी। प्रेम में उलझी ये कहानी आपको सोचने पर विवश कर देगी...आगे उन्होंने बताया कि वे स्थानीय मीडिया में सक्रिय हैं और सामाजिक मुद्दों, विशेष रूप से ऑनर किलिंग जैसी संवेदनशील घटनाओं पर अपनी कलम से जागरूकता फैलाते रहे हैं। मेरठ के निवासी होने के नाते, वे शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
"मुझे उड़ने दो": यह उपन्यास वेस्ट यूपी में ऑनर किलिंग (सम्मान हत्या) जैसी नृशंस घटनाओं पर आधारित है। यह सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और समाज के कलंक को उजागर करता है।
"मेरी कहानी और शहनाज": हाल ही में (दिसंबर 2024) विमोचित यह उपन्यास मेरठ के वेंकटेश्वरा कॉलेज में उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लॉन्च किया गया। विमोचन एडीजी मेरठ जोन ध्रुव कांत ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में कई दिग्गज पत्रकार, जैसे शादाब रिजवी, मौजूद थे। यह उपन्यास व्यक्तिगत कहानियों और सामाजिक संघर्षों को छूता है।
लेखक के बारे में: मेरठ लियाकत मंसूरी के कार्यों का केंद्र रहा है। उनके उपन्यासों में शहर की सामाजिक वास्तविकताएं झलकती हैं, जैसे ऑनर किलिंग की घटनाएं जो वेस्ट यूपी में आम हैं। वे मेरठ के साहित्यिक और पत्रकारिता कार्यक्रमों में अक्सर भाग लेते हैं।
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