नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय ने हाल ही में विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों के माध्यम से अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराया है। जहाँ एक ओर विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने चीन में आयोजित प्रतिष्ठित ब्रिक्स प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया, वहीं दूसरी ओर परिसर में नए छात्रों के लिए 'दीक्षारंभ' कार्यक्रम, विधि संस्थान में अभिभावक-शिक्षक संवाद, विश्व फार्मेसी दिवस पर जागरूकता रैली और राष्ट्रीय औषधि सतर्कता सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
ब्रिक्स औद्योगिक नवाचार प्रतियोगिता में अंतर्राष्ट्रीय सम्मान
चीन के एक्सियामेन शहर में आयोजित ब्रिक्स औद्योगिक नवाचार प्रतियोगिता-2025 के फाइनल में सुभारती विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसरों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए महत्वपूर्ण पुरस्कार प्राप्त किए। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के प्राचार्य एवं डीन डॉ. मनोज कपिल को 'उत्कृष्ट परियोजना पुरस्कार' से सम्मानित किया गया, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. निखिल राठी को 'औद्योगिक डिज़ाइन' श्रेणी में पुरस्कार मिला। इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय "समावेशी और सतत औद्योगिकीकरण की ओर ब्रिक्स सहयोग की संभावनाओं को उजागर करना" था, जिसमें 'अभिनव ब्रिक्स' और 'हरित ब्रिक्स' पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतियोगिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित उद्योग, कम ऊंचाई वाले उपकरण, ऊर्जा इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक डिज़ाइन जैसे पांच प्रमुख ट्रैक शामिल थे।
भाषा विभाग द्वारा 'दीक्षारंभ' कार्यक्रम का आयोजन
राहुल सांकृत्यायन सुभारती स्कूल ऑफ लिंग्विस्टिक्स एंड फॉरेन लैंग्वेजेज द्वारा नए छात्रों के लिए तीन दिवसीय परिचय कार्यक्रम 'दीक्षारंभ' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. रफत खानम ने किया। इसका उद्देश्य छात्रों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना और उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व व नैतिकता जैसे मूल्यों का संचार करना था। उद्घाटन सत्र का संचालन बी.ए. अंग्रेज़ी ऑनर्स की छात्राओं सम्या सिद्दीक़ी और कनिष्का गौतम ने किया। विभाग की अध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा ने छात्रों को अनुशासन और समर्पण का महत्व समझाया। इसी क्रम में संकायाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सुधीर त्यागी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए ईमानदारी से शिक्षा ग्रहण करने हेतु प्रोत्साहित किया। वरिष्ठ प्रॉक्टर डॉ. निशा सिंह ने रैगिंग के विरुद्ध विश्वविद्यालय की शून्य-सहिष्णुता नीति पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डॉ. सारिका अभय, डॉ. श्वेता भारद्वाज, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. राजेश्वर पाल, डॉ. नीशि राघव, डॉ. प्रीति शर्मा, सुश्री सोनी चौहान सहित कई संकाय सदस्य और छात्र समन्वयक भूमि, प्रियंशु, खुशी उपस्थित रहे।
विधि संस्थान में अभिभावक-शिक्षक संवाद सम्पन्न
सरदार पटेल सुभारती विधि संस्थान द्वारा संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय के निर्देशन में एक अभिभावक-शिक्षक संवाद का आयोजन किया गया। बैठक की आयोजिका प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई तथा सुश्री सोनल जैन ने बताया कि इसका उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा करना था। प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल ने अभिभावकों से छात्रों के विकास पर चर्चा की और उन्हें स्वयं के हस्तलिखित नोट्स बनाने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के निदेशक राजेश चंद्र जी (पूर्व न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय) ने छात्रों को सतत और नियमित पढ़ाई करने का सुझाव दिया। बैठक में डॉ. प्रेम चन्द्र, आफरीन अल्मास, अरशद आलम सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
औषधि विज्ञान में जागरूकता और उत्सव
फार्मेसी विभाग और फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता को समर्पित दो प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर फार्मेसी विभाग ने “थिंक हेल्थ, थिंक फार्मासिस्ट” (स्वास्थ्य सोचें, फार्मासिस्ट सोचें) थीम के साथ एक जागरूकता रैली निकाली, जिसे कुलपति प्रो. (डॉ.) पी. के. शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सोकेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष डॉ. लोभान सिंह सहित डॉ. अमित कुमार, पारखी रस्तोगी, डॉ. गरिमा वर्मा और डॉ. मनीष पाठक उपस्थित रहे।
इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा पांचवें राष्ट्रीय औषधि सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दवाइयों की प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं (एडीआर) के प्रति लोगों को जागरूक करना था। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम. के. मित्तल ने एडीआर रिपोर्टिंग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। संयोजिका डॉ. सुरभि गुप्ता के नेतृत्व में मुल्तान नगर स्थित कलावती स्कूल में जागरूकता अभियान चलाया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. प्रजेश दुबे के नेतृत्व में रोगियों को क्यूआर कोड युक्त विजिटिंग कार्ड दिए गए, जिससे वे सीधे एडीआर रिपोर्ट कर सकें। सप्ताह भर चले इस आयोजन में डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. पवन पराशर, डॉ. जी. एम. लोन, डॉ. आनंद शुक्ल और डॉ. नवदीप सिंह सहित कई विशेषज्ञों ने योगदान दिया।

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