नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: भारत के फूड ऑर्डरिंग एवं
डिलीवरी प्लेटफॉर्म, ज़ोमैटो ने पैरा-एथलीट्स
के लिए अपना नया कैम्पेन लॉन्च किया है। इस कैम्पेन में दिखाया गया है कि असली
चैंपियन परिस्थितियों से नहीं, बल्कि कठोर परिश्रम से बनते हैं। भारत में पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप शुरू
होने के साथ पेश किया गया यह कैम्पेन ज़ोमैटो के फ्यूल योर हसल कैम्पेन के सिद्धांत
और पैरा एथलीट्स की दृढ़ता की भावना को सम्मानित कर रहा है। पैरालिम्पिक कमिटी ऑफ
इंडिया (पीसीआई) के साथ आधिकारिक सहयोग के अंतर्गत, ज़ोमैटो के इस कैम्पेन
में सात प्रेरणाप्रद एथलीट दिखाए गए हैं, जिनकी शक्ति, धैर्य और खुद में
विश्वास लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत का काम करते हैं।
इस कैम्पेन के बारे में साहिबजीत सिंह साहनी, मार्केटिंग हेड, ज़ोमैटो ने कहा, ह्यह्यये एथलीट्स
दिन-रात जबरदस्त अनुशासन दिखाते हैं। इसीलिए हमें पैरालिम्पिक कमिटी ऑफ इंडिया के
साथ साझेदारी करने की प्रेरणा मिली। वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप भारत में
पहली बार हो रही है। अपने देश के एथलीट्स को सबसे बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करते
देखना अद्भुत है। इससे हमें यह देखने का अवसर मिलेगा कि असली मेहनत क्या होती है।
विभिन्न फॉर्मेट्स में पेश किया गया यह कैम्पेन पैरालिम्पिक रिंकू हूडा, होकातो सेमा, प्रणव सूरमा, सिमरन शर्मा, प्रवीण कुमार, प्रीति पाल और योगेश
कठूनिया के प्रयासों को जीवंत करते हुए दिखाता है कि उनके अथक परिश्रम के कारण ही
वो सबसे अलग हैं। फिल्मों, ओओएच, प्रिंट अभियानों और
डिजिटल कंटेंट के माध्यम से ज़ोमैटो इन पैरा एथलीट्स को सम्मानित करते हुए उन
क्षणों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो उनकी पहचान बन गए हैं, यानी सुबह 5 बजे का प्रशिक्षण, मानसिक संघर्ष, और छोटी-छोटी जीत, जो उन्हें बड़ी विजय की
ओर ले जाती हैं। हर क्रिएटिव में दिखाया गया है कि पैरा एथलीट्स को सर्वोत्तम
बनाने वाले सिद्धांत, यानी निरंतरता, दृढ़ता, और खुद में अटूट
विश्वास वही गुण हैं, जो जीवन के हर पहलू में
सफलता की ओर ले जाते हैं। इस प्रकार, उनका दृढ़ निश्चय खेल के अलावा भी प्रेरणा का स्रोत बन जाता है। अपने इस कैम्पेन द्वारा ज़ोमैटो समावेशिता, इच्छाशक्ति और भारतीय
एथलीट्स को उत्कृष्टता की ओर आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर रहा है।

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