-जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं बीएमआई कैंप का किया गया आयोजन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन व एंडोक्राइनोलॉजी विभाग द्वारा एक जन-जागरूकता एवं बीएमआई कैंप का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल चिकित्सालय में किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने सभी लोगों से हृदय रोग से बचने के लिए तनाव से दूर रहने एवं संतुलित खान-पान पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उपप्राचार्य डॉ. ज्ञानेश्वर टांक ने बताया कि हमारा हृदय 24 घंटे लगातार कार्य करता है, इसलिए हमें प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा व्यायाम अवश्य करना चाहिए, जिससे हृदय मजबूत रह सके। प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने कहा कि हमें अपने भोजन में नमक का कम प्रयोग करना चाहिए, ताकि ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से बचा जा सके। मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह ने बताया कि दवाइयाँ केवल डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए। बिना चिकित्सक की सलाह के दवा लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
हार्ट के लक्ष्णों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता
मीडिया प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार (आचार्य, मेडिसिन विभाग) ने बताया कि हृदय रोगों को अक्सर पुरुषों की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह एक भ्रम है, कोरोनोरी आर्टरी डिसीज़ या हार्ट अटैक का ख़तरा महिलाओं में भी बढ़ती उम्र के साथ साथ बढ़ने लगता है। महिलाओं के केस में लगभग 40 से 45 साल की उम्र के बाद इन लक्षणों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता हैं।
हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी
डॉ. संध्या गौतम (विभागाध्यक्ष एंडोक्राइनॉलोजी विभाग) ने बताया कि पूरे विश्व में 17.9 मिलियन लोग हृदय से पीड़ित है, जिन्हें उचित खान पान में नियमित व्यायाम से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉ. श्वेता शर्मा (आचार्य मेडिसिन विभाग) ने हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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