सीसीएसयू में दीक्षोत्सव के लिए हुई लोक नृत्य प्रतियोगिता
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक साहित्यिक परिषद के
तत्वावधान में दीक्षोत्सव-2025 के अंतर्गत मंगलवार को
लोक नृत्य प्रतियोगिता के अंतिम चरण का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर
और संबद्ध महाविद्यालयों के छात्रों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. सिद्दीकी और डॉ.
विवेक कुमार, निर्णायक मंडल के
सदस्यों और कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा दीप प्रज्जवलन
कर किया गया। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और महाविद्यालयों से आए
प्रतिभागियों ने अपनी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर
दिया। स्वागत भाषण प्रो.
आराधना (इतिहास विभाग) के द्वारा किया गया। नियमों का वाचन डॉ. मनीषा (इतिहास
विभाग) ने किया। कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग से अर्चिता शर्मा और स्नेहा
अरोड़ा ने अपनी प्रभावशाली शैली में किया। कार्यक्रम में प्रो. विघ्नेश कुमार, डॉ. सीपी सिंह, डॉ. योगेंद्र एवं डॉ.
प्रवीण की उपस्थिति रही।
लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली
मंच पर देश के विभिन्न राज्यों की लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
उत्तराखंड के लोक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति, राजस्थान की रंगत, पंजाब का गिद्धा, हरियाणा के पारंपरिक
नृत्य, महाराष्ट्र की
सांस्कृतिक छटा, उत्तर प्रदेश की
रासलीला ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। निर्णायक मंडल में संगीत समाज म्यूजिक
कॉलेज की प्रधानाचार्या रुचिका
सिंह और अभिनव नृत्यशाला से अंजना भारद्वाज शामिल रहीं। विशेष अतिथि के रूप में
राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय अलीगढ़ से नीता वार्ष्णेय की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में इनका
रहा सहयोग
समापन अवसर पर प्रो. अंशु अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों और आयोजन
समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोक नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी
सांस्कृतिक जड़ों, परंपराओं और सामूहिक
स्मृति का जीवंत प्रतीक है। साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीलू जैन गुप्ता ने प्रतिभागियों
का उत्साहवर्धन किया। इस आयोजन की सफलता में दीपक, शिव कुमार, प्रज्ञा, शुभांगी जोशी, शुभम त्यागी, आलोक, निशांत, अंतिम मलिक, समरजीत, सनी का विशेष योगदान
रहा।
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