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Tuesday, September 30, 2025

आंगनबाड़ी महिलाओं को दिया गया प्रशिक्षण बच्चों मे हस्तांतरित होता है: प्रो.अलका तिवारी


"आंगनवाड़ी सहायिका प्रशिक्षण कार्यशाला का शानदार आयोजन"

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। "सेवा पखवाड़ा अभियान" के अंतर्गत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की प्रेरणा व दिशा निर्देशन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती और सहायिकाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण विकासखंड रजपुरा के महाराणा प्रताप सभागार में दिया गया। 

आंगनवाड़ी प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मनोज भारद्वाज (खंड विकास अधिकारी राजपुर मेरठ) एवं डॉ भावना शर्मा (प्रेसिडेंट सद्भावना सेवा समिति) तथा प्रोफेसर अलका तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला की समन्वयक प्रोफेसर अलका तिवारी ने बताया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग एवं मिशन शक्ति अभियान 5.0 के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में आंगनबाड़ी कार्यकत्रीयो व सहायिकाओं को घर की साज सज्जा की उपयोगी वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया जिसके अंतर्गत थाल, कलश, नारियल, मटके, बंदनवार, वॉल हैंगिंग, रंगोली, आदि साज सज्जा की सामग्री को बनाना सिखाया गया। जिसमें प्रयोग किए गए बैनर को सुंदर रंगोली में सजाया गया। महिलाओं ने बड़ी उत्साह के लोक कला लिप्पन आर्ट का प्रशिक्षण लिया गया। 

प्रशिक्षण कार्यशाला मेंआंगनबाड़ी कार्यकत्रीयो वह सहायिकाओं को घर की साज सज्जा की उपयोगी वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया जिसके अंतर्गत थाल, कलश, नारियल, मटके, बंदनवार, वॉल हैंगिंग, रंगोली, आदि साज सज्जा की सामग्री को बनाना सिखाया गया। जिसमें प्रयोग किए गए बैनर को सुंदर रंगोली में सजाया गया। मुख्य अतिथि डॉ भावना शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशाला में आंगनबाड़ी महिलाओं व्यवसायिकताओं की उपस्थिति सराहनीय रही।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कला का प्रशिक्षण दिया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आवश्यकहै। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें बच्चों की रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देने वाली विभिन्न गतिविधियाँ सिखाना है। 

प्रोफेसर बिंदु शर्मा (समन्वयक "मिशन शक्ति अभियान 5.०) ने उद्बोधन में कहा कि कला प्रशिक्षण गतिविधियोंमेंबच्चों के लिए ड्राइंग, पेंटिंग और अन्य हस्तशिल्प सिखाना शामिल है। इन गतिविधियों से बच्चों में मोटर कौशल और कल्पनाशीलता विकसित होती है। मनोज भारद्वाज (खंड विकास अधिकारी राजपुरा मेरठ) ने बताया कि कला प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को सुनिश्चित करना है। आंगनवाड़ी महिलाओं द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण बच्चों तक हस्तांतरित होगा और उनके विकास को संतुलन प्रदान करेगा।

डॉ शालिनी धामा, डॉक्टर पूर्णिमा वशिष्ठ एवं चित्रकार दीपांजलि कृतिका और आरुषि द्वारा आंगनबाड़ी महिलाओं व्यवसायिकों को विभिन्न प्रकार के कला प्रशिक्षण प्रदान किए गए। आंगनबाड़ी महिलाओं द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर डॉ शालिनी, डॉक्टर पूर्णिमा, डॉक्टर रिता सिंह, शालिनी त्यागी, शिल्पी, सुदेश, आशीष आदि का सहयोग रहा।

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