नित्य संदेश, इंदौर। सोमवार शाम एरोड्रम रोड पर तेजगति से आ रही ट्रक ने आतंक मचाते हुए लगभग 34 राहगीरों को कुचल दिया। 5 से 8 राहगीरों की मौत की आशंका है। जिससे गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगाई; ट्रक जलने के बाद भी डेढ़ किलोमीटर तक जलते हुए चलता रहा। बाद में जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। रेस्क्यू कार्य शुरू कर दिया गया है।
इंदौर में यह हादसा वीआईपी एयरपोर्ट रोड पर गीतांजलि अस्पताल से शिक्षक नगर के बीच में हुआ। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना से पूरे एयरपोर्ट इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। यह भीषण हृदय विदारक घटना, बेकाबू ट्रक ने लिया दर्जनों वाहन चालकों को अपनी चपेट में लेने से कुछ की तो स्पॉट पर ही मौत हो गई, लोगों ने रूक रूककर वीडियों बनाए है। सड़क पर मृत व्यक्ति पड़े थे। 5 से 8 लोग हताहत, मौतों का आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने एक व्यक्ति को आग में जिंदा जलने से बचाया। पर उस व्यक्ति की हालत नाजुक है।
सबसे बड़ी बात है कि एयरपोर्ट रोड़ पर भारी वाहनों की आवाजाही रात्रि 12 बजे से सुबह के 6 बजे तक ही रहती है। यह ट्रक रॉन्ग साईड( गलत दिशा) से आ रही थी। इंदौर की सबसे बड़ी हृदय विदारक दुर्घटना बन गई है। पूरी एयरपोर्ट रोड़ लहुलुहान हो गई। कई मौत होने की आशंका है, पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। परिजन अपने लोगों को तलाशने निकल रहे थे। सबसे बड़ी बात एयरपोर्ट रोड और आसपास की बसी कालोनियों की हालत खराब करकर रखी है। जगह-जगह रोड खोदकर रखी है। काम पूरा हो जाने के बाद भी रोड़ नहीं बन रही।
इस दुखद हादसे से प्रशासन को अब सबक लेना चाहिए। पर यहां सबसे बड़ी गलती अपने इंदौर की ट्रैफिक पुलिस की है। वे सिर्फ चालान बनाने के लिए खड़े रहते है, रोज ड्यूटि देने के लिए नहीं। एयरपोर्ट रोड पर जब आए दिन नेता आते है तो पुलिस वाले पूरी तन्मयता से चलती एयरपोर्ट रोड को रोक देते है। पर रोज यहां तन्मयता से ड्यूटि नहीं करते। यहां के कोई सिग्नल काम नहीं करते।
पहले भी एयरपोर्ट रोड़ पर हादसे होते रहे है। इंदौर में रोड़ों पर कैमरे लगाकर ट्रेफिक पुलिस ने इति श्री कर ली है। पूरे इंदौर शहर में ट्रेफिक पोलिस तंत्र ने खड़े रहना बंद कर दिया है। सिर्फ कैमरे के जरिए ही चालान पहुंचा रहे है। नियमों का इसलिए भी इंदौर की जनता पालन नहीं करती। भारी वाहन वाले भी यह बात जानते है तभी तो उनके निकलने का रात्रि का समय तय है तब भी यह ट्राला ट्रक निकला। रोड़ पर पुलिस नहीं होती इसलिए ही कोई ट्रैफिक के नियम का पालन नहीं करता।
हमारे यहां प्रशासन ने कह दिया हेलमेट पहनो, वरना पेट्रोल नहीं देंगे, बस जनता एक-दूसरे का हेलमेट मांगकर पेट्रोल डलवाकर इति श्री करती है। पुलिस नहीं खड़ी रहती तो रोड़ पर कोई हेलमेट नहीं पहनता। इंदौर ट्रेफिक पुलिस चालान तो कैमरे में देखकर पहुंचा रही है पर अपनी कोई जिम्मेदारी सही से नहीं निभा रही, इसलिए इंदौर में आए दिन ट्रेफिक जाम होता है। रोड़ों पर हादसो की सबसे बड़ी वजह यही है।
ऊपर से एयरपोर्ट रोड़ के आसपास के मोहल्लों में जो अति धीमी गति से काम चल रही है उसके लिए प्रशासन की ढ़िलाई ही है। इस हादसे की जिम्मेदार ट्रेफिक पोलिस और खराब सिग्नल के साथ प्रशासन की ढ़िलाई है।
मेरा तो मानना है जैसे जनता का ट्रेफिक पोलिस चालान बना देती है, वैसे ही जनता को हर्जाना ट्रेफिक पुलिस से दिलवाया जाए।
लेखिका
सपना सी.पी. साहू स्वप्निल
इंदौर
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