-दादरी महापंचायत के दौरान जेल भेजे गए लोगों से मिलने पहुंचें नगीना सांसद
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को जिला जेल पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी समेत 17 गुर्जर नेताओं से मुलाकात की। जेल से बाहर आने पर उन्होंने कहा, अपने महापुरुषों के सम्मान की लड़ाई लड़ने वाले बेकसूर लोगों को जेल भेज दिया। ये सब सरकार के इशारे पर हो रहा है। अगर मैं मंत्री होता तो अपने भाइयों को छुड़ाकर ले आता। आज मुझे एक अधिकारी ने फोनकर धमकाया। कहा, अगर आप ज्यादा गुर्जर समाज की लड़ाई लड़ोगे तो आपके जो एमपी-एमएलए कोर्ट में जो मुकदमे चल रहे हैं, उनमें सजा करा दी जाएगी।
गुरुवार को जिला कारागार पहुंचें सांसद चंद्रशेखर आजाद से जेल गेट पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया। इसके बाद चंद्रशेखर ने जेल के मेन गेट से एंट्री की। दरअसल, 21 सितंबर को दादरी महापंचायत के दौरान पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिला कारागार से बाहर निकल कर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। वह सभी अपने महापुरुषों के स्वाभिमान व सम्मान की लड़ाई लड़ने आए थे। लेकिन निर्दोष होते हुए भी उन्हें जेल भेज दिया गया। अपमान व जातिगत गालियां मिलीं। गुर्जर समाज के स्वाभिमान व सम्मान पर हमला किया गया। जिसे गुर्जर समाज के युवा बर्दाश्त नहीं करेंगे। कभी ग्वालियर में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अपमान किया जाता है तो कहीं समाज के लोगों पर झूठे मुकदमे होते हैं। सरकार को यह आइडिया नहीं था कि जो आग उनके द्वारा लगाई जा रही है, वह कितनी फैल जाएगी। सरकार और पुलिस प्रशासन को आंख बंद करके कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। यह तानाशाही सरकार है। अब कोई निर्वाचित सांसद जेल नहीं जा सकता। पांच जगह मुझे रोका गया। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं है। यह तो हिटलरशाही है। जनता ही इन्हें बदलेगी।
नंद किशोर गुर्जर की स्थिति बेहद खराब
मैं सरकार से मांग करता हूं कि मिहिर भोज के प्रकरण को कोर्ट में ले जाया जाए। सुप्रीम कोर्ट उस पर डिसीजन दे। दादरी में इसी तरह का विवाद हुआ था, जहां मुख्यमंत्री गए थे। राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर को चाहिए था कि वह निर्दोष लोगों को छुड़ाकर ले जाते। मगर सब उन्हीं की सरकार के इशारे पर हो रहा है। कहा कि नंद किशोर गुर्जर की स्थिति खुद खराब है। वह अपनी सरकार के खिलाफ आंदोलन करते रहते हैं।
आजम से मिलने जल्द जाऊंगा
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, मैं सलावा प्रकरण के पीड़ितों से मिलना चाहता था। मगर प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। अब पीड़ितों से मैं अपने कार्यालय पर मुलाकात करुंगा। मुझे जेल का डर दिखाया जा रहा है। मैं अपनी इस लड़ाई को ऐसे ही जारी रखूंगा। जहां मेरी जरूरत महसूस होगी, वहां जाएंगे। आजम खां के बारे में कहा- मेरे उनसे पारिवारिक रिश्ते हैं। मैं जल्द उनसे मिलने जाऊंगा।
कई जगह रोका गया काफिला
लावड़ संवादाता ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद के काफिले को मेरठ में घुसने के बाद पांच जगह रोका गया। सिवाया टोल प्लाजा पर एसपी क्राइम ने रोका। वहां से काफिले की चार गाड़ी आगे भेजी गईं। इसके बाद चंद्रशेखर की गाड़ियों को मोदीपुरम फ्लाई ओवर के पास रोका गया। यहां नगीना सांसद को गाड़ी से भी उतरना पड़ा।
No comments:
Post a Comment