अनम शेरवानी
नित्य संदेश, मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती
विश्वविद्यालय के डॉ. बीआर अम्बेडकर शोध पीठ, सरदार पटेल सुभारती लॉ कॉलेज एवं
आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में महारानी लक्ष्मी बाई प्रेक्षागृह में अंतर्राष्ट्रीय
महिला दिवस कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत कर्मचारी कल्याण कार्यक्रम के तहत
वित्तीय स्थिरता एवं महिलाओं की स्वतंत्रता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम
में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय व विभाग में कार्यरत गैर शिक्षण महिला कर्मचारियों
को आर्थिक स्थिरता और महिलाओं की स्वतंत्रता हेतु विशेषज्ञों ने ज्ञान वर्धन किया।
कार्यक्रम
का शुभारंभ कुलपति मेजर जनरल डॉ. जीके थपलियाल, पंजाब नेशनल बैंक की वरिष्ठ शाखा
प्रबंधक प्रीति थिरानिया, पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक
राजीव रंजन, सुभारती लॉ कॉलेज के निदेशक पूर्व
न्यायमूर्ति राजेश चन्द्रा एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम प्रभारी डॉ. वैभव
गोयल भारतीय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सुभारती लॉ कॉलेज के निदेशक पूर्व
न्यायमूर्ति राजेश चन्द्रा ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया है। आर्थिक
रूप से सशक्त होने के लिए महिलाओं को शिक्षित होना अति आवश्यक है। मुख्य वक्ता
पंजाब नेशनल बैंक की वरिष्ठ शाखा प्रबंधक प्रीति थिरानिया ने कहा कि बचत करने से
हमें आकस्मिक परिस्थितियों में मदद मिलती है। महिलाओं को कमाने के साथ बचत भी करनी
चाहिए। विशेष रूप से महिलाएं अपनी कमाई से एक हिस्सा अपने खुद के लिए बचा कर रखें।
धन्यवाद ज्ञापन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम प्रभारी डॉ. वैभव गोयल भारतीय
ने दिया। मंच का संचालन बीएएलएलबी द्वितीय
वर्ष की छात्रा कसक व अंकिता ने किया। इस अवसर पर डॉ.बीआर अम्बेडकर शोध पीठ के
अनुसंधान अधिकारी डॉ. प्रेम चन्द्र, एना सिसोदिया, सोनल जैन सहित आयोजन समिति के सदस्यों का सहयोग रहा।
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