रवि गौतम
नित्य संदेश, परीक्षितगढ़। नगर के द्वारिका मंडप में चल रही राम कथा का रविवार को समापन हुआ, जिसके कथा वाचक भंवर श्याम सरस्वती ने कथा सुनाते हुए कहा कि जहां ज्ञान कर्म और भक्ति का मिलन होता है, वहीं पर कुंभ होता है। आगे यह गंगा, जमुना, सरस्वती का मिलन का नाम गंगा होता है।
उन्होंने बताया कि
गंगा यमुना एक साल जाकर गंगासागर में भगवान विष्णु से मिल जाती है, जिस पर श्रद्धालुओं ने कथा का आनन्द लिया। कथा वाचक
ने अपने शब्दों में कहा, जो भी शादी विवाह द्वारिका मंडप में
करेगा, वह जोड़ा सदा सुहागन रहेगा। उसके
परिवार को सुख शांति मिलेगी। कथा का शुभारंभ चेयरमैन हिटलर
त्यागी ने पूजा अर्चना के साथ किया। दूसरे दिन पूर्व चेयरमैन
अमित मोहन टीपू, पूर्व प्रमुख केपी खुटी, प्रमोद त्यागी, जयवीर त्यागी,
पवन, लता, कमलेश गिरी, निर्मल गौतम आदि मौजूद रहें।
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