नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। उप्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष
अशफ़ाक सैफी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन (MAEF) को बंद होने से रोकने के लिए
तत्काल अपील की।
बताया कि मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन
(MAEF), जो समाज के शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित
एक प्रतिष्ठित संस्था है, उसे प्रशासनिक कारणों से मंत्रालय द्वारा बंद कराया जा रहा
है, जो कि एक अत्यधिक चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम
लागू करा रहे हैं, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छह केंद्रीय रूप से अधिसूचित
अल्पसंख्यक समुदायों के वंचित और कमजोर वर्गों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं
का समान अवसर मिले और वे देश के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दे सकें। मौलाना
आजाद एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं ने हाशिए पर मौजूद समुदायों
के हजारों वंचित बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है और उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव
लाए हैं। इस योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित शैक्षिक संस्थानों के निर्माण/विस्तार
और विज्ञान/कंप्यूटर लैब उपकरण/फर्नीचर की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती
है। इस योजना से 1500 से अधिक गैर-सरकारी संगठन (NGOs) लाभान्वित हुए हैं। सभी समुदायों
के छात्रों को बेहतर सुविधाएं और शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है।
बंद हुई तो आएगा रोजगार संकट
मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के संभावित बंद
होने से समाज और फाउंडेशन द्वारा सेवित व्यक्तियों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा,
इसमें कार्यरत 43 कर्मचारियों (4 नियमित कर्मचारी, 8 गजट अधिसूचना के तहत 5 वर्षों
के लिए नियुक्त कर्मचारी और 31 अल्पकालिक संविदा कर्मचारी) के रोजगार पर भी संकट आएगा।
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