नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मवाना चीनी मिल के परिसर में स्थित स्टाफ क्लब में गन्ना किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने किसानों से गन्ना प्रजाति 0238 के स्थान पर अन्य नई स्वीकृत गन्ना प्रजातियों जैसे को0 0118 एवं को0 15023 की बुवाई करने का आ्रह किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि गन्ना समिति के चौयरमेन विनोद भाटी, उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद् के भूतपूर्व कीट वैज्ञानिक डॉ0 मैनेजर सिंह ने किसानों ोकेा सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषक हित में यह समयानुकूल है कि विभिन्न संचार माध्यमों से आगामी बसंतकालीन गन्ना बुवाई हेतु आवश्यक कदम उठाये जाए, जिनमे प्रजातीय बदलाव प्रमुख है इसका प्रचार-प्रसार किया जाए साथ ही को मवाना चीनी मिल के वरि0 महाप्रबंधक (गन्ना एवं प्रशासन) प्रमोद बालियान द्वारा इस अवसर पर गन्ना किसान के समक्ष चुनौतियों एवं चीनी उद्योग के वर्तमान परिदृश्य की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान एवं चीनी उद्योग दोनो एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और किसी भी एक के बगैर दूसरे के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। मवाना चीनी मिल के विभागाअध्यक्ष (गन्ना) अभिषेक श्रीवास्तव ने किसानो को गन्ना विकास कार्ययोजना के बारे में बताते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने गन्ना विकास कार्यक्रम 2025 की रूपरेखा तैयार की है जिसमे उत्तम गन्ना खेती के चार मुख्य आधार जिनमे प्रजातीय बदलाव, फसल सुरक्षा, बीज उपचार एवं भूमि उपचार हेतु विशेष ध्यान रखा गया है एवं इन उद्देश्यों की प्रतिपूर्ति हेतु सघन जागरूकता अभियान चलाने का कार्यक्रम तैयार किया है । जिसमे गन्ना किसान गोष्ठियों, प्रचार वाहनों, नुक्कड़ नाटकों का मंचन, रैली एवं अन्य प्रचार माध्यमों से सभी किसानों को जागरूक करने का लक्ष्य बनाया गया है। चीनी मिल के उप महाप्रबंधक (गन्ना) हरि ओम शर्मा ने प्रजातीय बदलाव एवं फसल सुरक्षा के साथ साथ साथ बीज उपचार एवं भूमि उपचार की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की और सभी किसान भाइयों से इसे अपने गन्ना खेती का आवश्यक अंग बनाने का अनुरोध किया।

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