रवि गौतम
नित्य संदेश, परीक्षितगढ़। विश्व दिव्यांग दिवस
हर्ष उल्लास के साथ गांव खजूरी में मनाया गया।
समाजसेवी दिव्यांग
परवेज अली का कहना है कि
दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि कुदरत का दिया हुआ
उपहार है, वो हमें किस हाल में रखे, सब
उस कुदरत की मर्जी है और हकीकत यह भी है कि हमारा एक अंग
लिया है तो दूसरी अंग में उससे ज्यादा ताकत दी है, उसी की
वजह से हम अपने अपने कार्यों से पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा रहे हैं। चाहे खेल के क्षेत्र में, चाहे चित्रकला के क्षेत्र
में, चाहे समाज सेवा के क्षेत्र में,
हमारे ऐसे-ऐसे दिव्यांग भाई-बहनों के
कार्य को दुनिया देख रही है। हिम्मत नहीं हारनी है, हमें आगे बढ़ना है, अपना और अपने देश का नाम दुनिया
में रोशन करना है। विश्व दिव्यांग दिवस पर हम सभी दिव्यांग
भाई बहनों को हिम्मत से काम लेना चाहिए।
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