अनुप्रिया शर्मा
नित्य संदेश, मेरठ। प्रदूषण पर शोध कर रही अनुप्रिया
शर्मा ने बताया कि सर्दियों में घर को गर्म बनाने के लिए घरों को बन्द डब्बा बना
देते हैं, जिससे घर में प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती हैं, साथ ही दीवारों पर हुआ पेंट, सौंदर्य प्रसाधनों से वापसशील कार्बनिक यौगिक, डिओड्रेंट जिसमें प्रापेन
और ब्यूटेन का उपयोग होता हैं, इनसे घर
का प्रदूषण विस्फोटक स्तर पर पहुंच जाता हैं।
जिला समन्वयक दीपक शर्मा
ने बताया कि हर साल घरों को गर्म करने के लिए जलाई गई अंगीठी से कमरे की ऑक्सीजन
खत्म हो जाती है, जिससे
कमरे में सोने वाले लोगों की जान चली जाती है। आज का डेटा प्रगति
विज्ञान संस्था की और से लिया गया। बतादे कि कोहरा और धूल के कण मिलकर हवा
को जहरीला बना रहे हैं।
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