नित्य संदेश, डेस्क।
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यशोदा नंदन रास रचैया
माखन चोर प्रेम से कहलाए
विष्णु अवतारी हर युग में
जगत को लुभाए
कभी राम कभी श्याम बन
सत्य का मार्ग दिखाते
कभी नरसिंह बनकर
भक्त प्रहलाद को बचाते
मोहिनी अवतार लेकर
असुरों को नृत्य कराते
और तो राम बन मर्यादा सिखाते
कृष्ण बन सत्य प्रेम सिखाते
पांडवों का साथ निभाते
महाभारत का शंख बजाते
शिवभक्ति के कारण
कमल नयन कहलाते
भक्तों की पलभर में सुनते
तभी जगन्नाथ कहलाते
हे राधा के प्रियतम आ भी जाओ
भक्त बुलाते...।
स्वरचित - नित्या साहू
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