कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में ‘स्वच्छ भारत दिवस एवं किसान विकास दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केरल वर्मा सुभारती कॉलेज ऑफ साइंस एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर स्थित सरदार पटेल लॉन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुभारती विश्वविद्यालय के सम-कुलाधिपति मेजर जनरल (डॉ.) जी.के. थपलियाल, एसएम (सेनि.) ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना करते हुए किया। प्रभात फेरी के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और किसान सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय पदाधिकारियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कृषि विकास के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केरल वर्मा सुभारती कॉलेज डीन प्रो. (डॉ.) रविंद्र कुमार जैन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि देश की प्रगति में स्वच्छता और कृषि दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने वर्ष 1965 का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध आह्वान ‘जय जवान, जय किसान’ को याद किया। डॉ. रविंद्र कुमार जैन कहा कि देश की सुरक्षा में जवान और देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था में किसान समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों का सम्मान और कृषि क्षेत्र का विकास राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है। वही सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विनय कुमार मित्तल ने ‘स्वच्छ भारत दिवस एवं किसान विकास दिवस’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जीवन जीने की जिम्मेदार आदत है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ समाज की पहली आवश्यकता है और स्वस्थ समाज ही विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
उन्होंने सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से संचालित सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से किए जा रहे सामाजिक सरोकारों और सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संवेदनशील, जिम्मेदार और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा किसान हितों के प्रति संवेदनशील होकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. (डॉ.) विनय कुमार मित्तल ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं स्वच्छ रहने, अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प कराया।
कार्यक्रम में सुभारती एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने किसान विकास दिवस पर अपने विचार साझा करते हुए कहा की किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बदलते समय में किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, जल संरक्षण और टिकाऊ खेती से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत का सम्मान करना और उन्हें नई तकनीकों से सशक्त बनाना ही सच्चे अर्थों में किसान विकास दिवस की सार्थकता है।
सुभारती पर्यावरण समिति के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) मुकेश रोहिल्ला ने कहा कि स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने कहा कि हमें अपने घर से लेकर आसपास के क्षेत्र, सार्वजनिक स्थलों और पूरे देश की स्वच्छता के प्रति जागरूक होना होगा। केवल अभियान चलाने से नहीं, बल्कि अपनी दैनिक आदतों में स्वच्छता को शामिल करने से स्थायी परिवर्तन आएगा। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
वही राम प्रकाश तिवारी (सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर, एनएसएस यूनिट वन) ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि सुभारती विश्वविद्यालय में एनएसएस की छह इकाइयां सक्रिय हैं, जिनसे करीब 600 स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा से जुड़े विभिन्न अभियानों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में सेवा भावना विकसित करना और उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ना एनएसएस का प्रमुख उद्देश्य है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार ने सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



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