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Saturday, October 3, 2026

वर्तमान में जीने की कोशिश करें, कई दबावों और तनाव से मिल सकती है मुक्ति : प्रो. संजय कुमार


तिलक पत्रकारिता स्कूल में ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम का आयोजन


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में शनिवार को ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने क्विज, भाषण प्रतियोगिता और काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने विद्यार्थियों से मानसिक रूप से स्वस्थ, प्रसन्न और संतुलित जीवन के लिए वर्तमान क्षण में जीने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।


प्रो. संजय कुमार ने कहा कि हमारे जीवन में तनाव का एक बड़ा कारण यह है कि हम या तो बीती हुई घटनाओं को बार-बार याद करते रहते हैं या फिर भविष्य की चिंताओं में उलझे रहते हैं। यदि हम स्वयं को वर्तमान में रखने का प्रयास करें और वर्तमान क्षण को पूरी सजगता के साथ जीने की कोशिश करें तो बाहरी दबावों और तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में पढ़ाई, करियर, प्रतियोगिता, सोशल मीडिया और भविष्य को लेकर अनेक प्रकार के दबाव होते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि वे परिस्थितियों को समझते हुए अपने मन को अनावश्यक चिंताओं से मुक्त रखने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि खुश रहने का अर्थ यह नहीं है कि जीवन में कोई समस्या न हो, बल्कि खुश रहने की कला यह है कि समस्याओं के बीच भी हम अपने भावों और व्यवहार को संतुलित रख सकें। इसके लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता यानी इमोशनल इंटेलीजेंस अत्यंत महत्वपूर्ण है। व्यक्ति यदि अपनी भावनाओं को पहचानना, समझना और नियंत्रित करना सीख ले तथा दूसरों की भावनाओं को भी समझने का प्रयास करे, तो उसके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। प्रो. संजय कुमार ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी तुलना लगातार दूसरों से करने के बजाय अपनी क्षमताओं और उपलब्धियों पर ध्यान दें। 



उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में व्यक्ति के सामने दूसरों के जीवन की एक ऐसी तस्वीर आती है, जिससे अनावश्यक तुलना और दबाव पैदा हो सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का उपयोग सजगता के साथ करना चाहिए और वास्तविक जीवन के रिश्तों, संवाद, अध्ययन तथा रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक संतुलन और संवेदनशीलता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पत्रकार को विभिन्न परिस्थितियों, विचारों और लोगों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में तथ्यों को समझने के साथ-साथ मानवीय भावनाओं को समझने की क्षमता भी उसके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, निरंतर सीखने और अपने अनुभवों से स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।


इस अवसर पर विभाग की पूर्व छात्रा कावेरी योगी का सम्मान किया गया। कावेरी योगी ने विद्यार्थियों के साथ अपने पत्रकारिता एवं रिपोर्टिंग अनुभव साझा करते हुए व्यावहारिक पत्रकारिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। क्विज प्रतियोगिता में अभिषेक नागर ने प्रथम, गौतम कुमार ने द्वितीय तथा धनवंशी राजपूत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में जिज्ञासा पांडे ने सोशल मीडिया के प्रभाव पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। दीपक वर्मा द्वितीय और मुशीर अहमद तृतीय स्थान पर रहे। धनवंशी राजपूत, मोहनी, सोहा खान और कृष्णा भाटिया ने काव्य प्रस्तुतियां दीं। विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि प्रो. संजय कुमार का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन लव कुमार सिंह ने किया। आयोजन में डॉ. दीपिक वर्मा, निधि और निशांत का विशेष सहयोग रहा।

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