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Thursday, October 15, 2026

मिशन शक्ति के अंतर्गत ललित कला संस्थान में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी आयोजित



माँ स्कंदमाता की अर्चना, भजन-कीर्तन और कलाकृतियों के माध्यम से नारी सम्मान, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का संदेश


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के ललित कला संस्थान द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत शारदीय नवरात्रि के पाँचवें दिन माँ स्कंदमाता की अर्चना एवं माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ललित कला संस्थान की उपनिदेशक प्रोफेसर अलका तिवारी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मदन मोहन विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या श्रीमती शर्मिष्ठा भाटी उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्रीमती सुधा मोहन, श्रीमती प्रीति शर्मा, श्रीमती आशा मिश्रा, श्रीमती हिमानी शर्मा एवं श्रीमती जयश्री ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।


कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर स्थापित कलश की पूजा-अर्चना की गई तथा बालिकाओं ने भक्तिमय भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से माँ भगवती की वंदना की। भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने भारतीय धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति आस्था को अभिव्यक्त किया।


प्रोफेसर अलका तिवारी ने कहा कि ललित कला संस्थान में प्रतिवर्ष नवरात्रि के अवसर पर भारतीय धर्म, संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाता है। उन्होंने बताया कि चित्र प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों को उनकी विशिष्टताओं के साथ अत्यंत सुंदर एवं आकर्षक ढंग से कैनवास पर उकेरा है। इन कलाकृतियों के माध्यम से नारी शक्ति, महिला सशक्तीकरण, बालिकाओं की गरिमा तथा वर्तमान समाज में नारी की स्थिति को भी प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है।


प्रोफेसर तिवारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान उसकी मर्यादा, शालीनता, संस्कार और सम्मान में निहित है। हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति और देवी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान केवल विचारों तक सीमित न रहकर हमारे आचरण और व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। बालिकाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कला समाज को दिशा देने और सामाजिक चेतना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की गरिमा तथा बालिकाओं की सम्मानजनक एवं संस्कारित छवि का संदेश प्रस्तुत किया है।


मुख्य अतिथि श्रीमती शर्मिष्ठा भाटी ने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित कलाकृतियों की सराहना करते हुए माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की सुंदर कलात्मक अभिव्यक्ति की प्रशंसा की। उन्होंने बालिकाओं को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही, समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली सशक्त महिलाओं के उदाहरण देते हुए छात्राओं को उनसे प्रेरणा लेने तथा शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और परिश्रम के बल पर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन देना तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करना रहा। कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में संस्थान द्वारा इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं रचनात्मक आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक जागरूकता को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।


कार्यक्रम में डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ ने सभी अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया तथा कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ. शालिनी धामा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अतिथियों, शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सुश्री दीपांजलि ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप कार्यक्रम स्थल की आकर्षक सज्जा की, जिसकी सभी उपस्थित जनों ने सराहना की।


इस अवसर पर मदन मोहन विद्या मंदिर की शिक्षिकाओं, ललित कला संस्थान की शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों तथा विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। माँ भगवती की वंदना, भजनों और विद्यार्थियों की कलाकृतियों ने कार्यक्रम को भक्तिमय एवं सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण बनाया।

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