नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ होकर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम का आयोजन इतिहास विभाग चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में किया गया। यह आयोजन मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र मनोविज्ञान विभाग और इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में हुआ।
इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर संजय कुमार ने वर्तमान समय में नशा और युवा पीढ़ी के संबंध में बोलते हुए कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है और युवा देश का भविष्य। अतः देश के भविष्य को इस सामाजिक बुराई से दूर रखना और छुटकारा दिलाने की और सार्थक प्रयास करने का उद्देश्य से ही है कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं। इतिहास विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा ने नशे के अनेक प्रकारों को गिनाते हुए मनुष्य के लिए सभी नशो को हानिकारक बताया। उन्होंने कहा कि इसका संबंध मस्तिष्क से है इसलिए इसका इलाज भी मां और मस्तिष्क अर्थात मनोवैज्ञानिक के पास ही है।
प्रोफेसर विघ्नेश कुमार ने कहा कि स्वयं को प्रसन्न रखकर स्वस्थ रखकर और भारतीय संस्कृति के प्राचीन परंपरा का आधार नाते रिश्तो और आपसी विश्वास के आधार पर हम सभी और अपनी भावी पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से बचाया जा सकता है। प्रोफेसर आराधना ने भी नशे के दुष्प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए युवा पीढ़ी को दूर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉक्टर कुलदीप कुमार त्यागी डॉक्टर योगेश कुमार डॉ शालिनी डॉक्टर अंशु अग्रवाल व प्रज्ञा सहित अनेक शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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