-जांच-सुधार के लिए साढ़े तीन माह पहले डीएम द्वारा दिए गए आदेश अधर में
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। अब इसे चूक कहें या लापरवाही कि इंतेहा कि 8 साल पहले सीमा निर्धारण को
लेकर सर्वे आफ इंडिया द्वारा किए गए एक सर्वे में मेरठ के ग्रामीणों की हजारों
हेक्टेयर जमीन अमरोहा के खाते में चली गई। हालांकि, प्रदेश के जल शक्ति राज्य
मंत्री दिनेश खटीक की शिकायत पर जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच सर्वे ऑफ
इंडिया के सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. विनय गुप्ता के अलावा अपर जिलाधिकारी
(प्रशासन) मेरठ, उप जिलाधिकारी अमरोहा और लोक निर्माण विभाग मेरठ के अधिशासी
अभियंता (प्रा खंड) को सौंपी।
बताया जाता है कि इस मामले में मवाना तहसील के खानपुर (गढ़ी) के ग्राम प्रधान
ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इन जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि सर्वे आफ
इंडिया ने जो सर्वे किया था वह त्रुटि पूर्ण था, जिस कारण मेरठ जिले के कुछ गांव
अमरोहा जनपद में दर्शा दिए गए हैं और इसी के चलते इन ग्राम वासियों की हजारों
हेक्टेयर भूमि अमरोहा जनपद में चली गई। इससे मेरठ के इन ग्रामीणों में रोष है। बता
दें कि तहसील मवाना के सर्वे में भी उक्त सर्वे आफ इंडिया द्वारा किए गए सीमा
निर्धारण को त्रुटि पूर्ण बताया गया था। इसके बाद पुनः सर्वे की मांग की जा रही
है। इस पूरे प्रकरण को मद्देनजर रखते हुए जिलाधिकारी मेरठ ने संबंधित अधिकारियों
को इस प्रकरण में अभिलेखीय परीक्षण के
साथ-साथ स्थलीय निरीक्षण के आदेश दिए और यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी पक्षों को
सुनकर इस समस्या का निपटारा करें, ताकि दोनों जनपदों के बीच कानून व्यवस्था की
स्थिति उत्पन्न न हो।
अधिकारियों ने नहीं दिया कोई जवाब
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मेरठ, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी
अभियंता (प्रांतीय खंड) और सर्वे ऑफ़ इंडिया के सुपरिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट को जब
फोन किया तो किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। यहां तक कि लोक निर्माण विभाग के
उक्त अधिशासी अभियंता को उनके व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज भी छोड़ गया, इसका भी कोई
जवाब वह नहीं दे पाए।

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