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Thursday, September 17, 2026

नई पीढ़ी और नए विद्यार्थियों के लिए एआई बहुत जरूरी है। : प्रो. सगीर अफ़राहीम



एआई से हम अपने बहुत से कार्यों को आसान बना सकते हैं। : प्रो. असलम जमशेदपुरी

उर्दू विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में “एआई और रोजगार” विषय पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। “एआई प्रेम के क्षेत्र में भी सफल है। ज्ञान से प्रेम, देश से प्रेम और कला से प्रेम आदि क्षेत्रों में एआई काम कर रहा है। अनेक विश्वविद्यालयों में एआई को अनिवार्य कर दिया गया है। साहित्य के क्षेत्र में अनेक समाचार-पत्र और शोध-पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो रहे हैं। एआई के माध्यम से फिल्मों में जो कार्य किए जा रहे हैं, वे प्रशंसनीय हैं। न्यायपालिका के अनेक कार्य भी एआई द्वारा किए जा रहे हैं। इस तकनीक को लगातार उन्नत करना आवश्यक है। यह तकनीक ईश्वर की देन है, जो दोधारी तलवार की तरह है।”


ये विचार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध साहित्यकार प्रोफेसर सगीर इफ़राहीम ने उर्दू विभाग और आयुसा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “एआई और रोजगार” विषयक ऑनलाइन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने आगे कहा कि जब हम नई चीजें प्राप्त करेंगे तो हमारा उत्साह बढ़ेगा। नई पीढ़ी और नए विद्यार्थियों के लिए एआई बहुत जरूरी है। एआई के माध्यम से हमें नई और आधुनिक शैली में चीजें उपलब्ध हो सकेंगी। मीडिया भी एआई के कारण लगातार उन्नत होता जा रहा है। इससे पूर्व कार्यक्रम का आरंभ सईद अहमद ने पवित्र कुरआन की तिलावत से किया। कार्यक्रम का संरक्षण प्रसिद्ध आलोचक एवं कहानीकार तथा उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर असलम जमशेदपुरी ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार एवं आलोचक प्रोफेसर सगीर इफ़राहीम ने की। अतिथियों के रूप में आरिफ़ उमैर (एमडी, एआई मित्र, मेरठ), शुभ्रा वशिष्ठ (संस्थापक एवं चेयरपर्सन, आईटी वेब हट, मेरठ) तथा मुहम्मद औरंगज़ेब (सीईओ, एआई मित्र, मेरठ) ने भाग लिया। वक्ता के रूप में लखनऊ से आयुसा की अध्यक्ष प्रोफेसर रेशमा परवीन उपस्थित रहीं। स्वागत भाषण मुहम्मद नदीम ने दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अलका वशिष्ठ ने किया।


कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत करते हुए प्रो. असलम जमशेदपुरी ने कहा कि आज का विषय बहुत विशिष्ट और महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए एआई अब आवश्यक माना जा रहा है। एआई से हम अपने बहुत से कार्यों को आसान बना सकते हैं। आज यहां एआई के अनेक विशेषज्ञ मौजूद हैं, जो हमें बताएंगे कि हम एआई के माध्यम से रोजगार के अवसर किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं। फिल्म और बाजार के क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन एआई का व्यापक उपयोग हो रहा है। आजकल फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे डिजिटल माध्यमों के निर्माण और संचालन में भी एआई का इस्तेमाल हो रहा है। एआई के माध्यम से रोजगार के अनेक अवसर पैदा हो रहे हैं।


मुहम्मद औरंगज़ेब ने कहा कि आज के दौर में एआई बहुत आवश्यक है। एआई ऐसी तकनीक है, जो अनेक कार्यों को आसानी से कर सकती है। एआई के पास भावनाएं नहीं हैं। यह एक ऐसी तकनीक है, जो दोधारी तलवार की तरह है। तकनीक हमारी क्षमताओं में वृद्धि करती है। एआई के माध्यम से हम शोध-संबंधी सामग्री को आसानी से एकत्र कर सकते हैं। संविधान से संबंधित बहुत-सा डेटा एआई के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। यदि आप बेरोजगार हैं तो एआई के माध्यम से अपने लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर सकते हैं। हमें नहीं पता कि आने वाले दस वर्षों में दुनिया किस प्रकार की होगी। इसलिए आज हर व्यक्ति के लिए एआई के बारे में जानकारी रखना आवश्यक है।


शुभ्रा वशिष्ठ ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है कि एआई हमारे रोजगार में हमारी किस प्रकार सहायता कर सकता है। वर्तमान समय में हमें अपने विद्यार्थियों के ज्ञान में और वृद्धि करनी होगी तथा अपनी कार्य-कुशलता और कौशल को बढ़ाना होगा। हमें अपने कार्यों में एआई को शामिल करना होगा। कविता हो या गद्य-साहित्य, साहित्य के क्षेत्र में भी एआई का उपयोग किया जा सकता है। एआई हमारे शब्दों को उचित स्थान पर व्यवस्थित कर सकता है। थोड़ी-सी शोध, थोड़े प्रयास और थोड़ी रुचि के साथ एआई का उपयोग आपको व्यापक पहचान दिला सकता है। अनुवाद के क्षेत्र में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि आप बुद्धिमान और योग्य हैं तो एआई का उपयोग आपके हुनर को और निखार सकता है। अपने क्षेत्र को छोड़कर एआई के क्षेत्र में जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अपने ही क्षेत्र में एआई को शामिल कीजिए। एआई शब्द उपलब्ध करा सकता है, लेकिन भावनाएं नहीं दे सकता।


मुहम्मद आरिफ़ उमैर ने कहा कि आज एआई की सहायता से हम तस्वीरें बना सकते हैं और लिख सकते हैं। यह कोई जादू नहीं है। जिस प्रकार एक कलम स्वयं नहीं लिखती और कैमरा स्वयं फोटो नहीं खींचता, उसी प्रकार एआई भी एक तकनीक है, जिसका उपयोग मनुष्य करता है। क्या एआई हमारी नौकरियां छीन लेगा? यह आवश्यक नहीं है कि एआई के कारण हर व्यक्ति को नौकरी मिल जाएगी। डिग्री के साथ कौशल भी आवश्यक है। एआई हमारी कविता को पूरी दुनिया तक पहुंचा सकता है। एआई शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी सहायता करता है। हमें अपने हुनर को एक नई उड़ान देनी चाहिए, लेकिन हुनर को तराशना भी आवश्यक है। एआई रोजगार की दुनिया को बदल रहा है। हमें अपने बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना होगा।


आयुसा की अध्यक्ष प्रोफेसर रेशमा परवीन ने कहा कि वर्तमान समय में एआई बहुत आवश्यक है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज की नई पीढ़ी आधुनिक तकनीक से परिचित है, जबकि हम उनसे कुछ पीछे हैं। लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि एआई के माध्यम से हम अच्छे और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को बधाई दी। कार्यक्रम से डॉ. आसिफ अली, डॉ. शादाब अलीम, डॉ. इरशाद स्यानवी, फरहत अख्तर, मुहम्मद शमशाद तथा अन्य छात्र-छात्राएं ऑनलाइन जुड़े रहे।

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