
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी द्वारा कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस का आयोजन उत्साह एवं जागरूकता के साथ किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “Combating Antimicrobial Resistance (AMR)” – एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से मुकाबला रही। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की चुनौती, इसके जनस्वास्थ्य पर प्रभाव तथा इसके नियंत्रण में फार्मासिस्ट की भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों डॉ. कुणाल गुप्ता, मैनेजिंग एडिटर, American Chemical Society; डॉ. रश्मि पंत, क्लिनिकल रिसर्च कंसल्टेंट, अहमदाबाद; डॉ. भावना पंत, हेड–कम्युनिटी मेडिसिन, NCR मेडिकल कॉलेज तथा डॉ. गीतिका भारद्वाज, डिप्टी जेलर, जिला कारागार, मेरठ द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रश्मि पंत ने “AMR – Role and Opportunities in Pharma” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की बढ़ती चुनौती, फार्मास्युटिकल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों तथा AMR की रोकथाम में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को तर्कसंगत एवं जिम्मेदार एंटीमाइक्रोबियल उपयोग के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. कुणाल गुप्ता ने वैज्ञानिक क्षेत्र में प्रभावी Scientific Communication के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक विचारों एवं शोध परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, वैज्ञानिक लेखन तथा संचार कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. गीतिका भारद्वाज एवं डॉ. रानू अग्रवाल ने विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। चारक स्कूल ऑफ फार्मेसी की प्राचार्य डॉ. वैशाली पाटिल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थियों की जिम्मेदारी केवल औषधियों के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समुदाय में AMR के प्रति जागरूकता फैलाने और एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के बीच फार्मासिस्ट की जिम्मेदार एवं जनहितकारी भूमिका को समझने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच एवं टीम भावना को प्रोत्साहित करने के लिए पोस्टर प्रस्तुति, लीफलेट मेकिंग, फार्माक्विज एवं रंगोली प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए AMR, औषधियों के तर्कसंगत उपयोग तथा जनजागरूकता से संबंधित विषयों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी के डॉ. अमरीश, डॉ. भूमिका, सुश्री मेघा गुप्ता, डॉ. कृतांजलि, श्री धर्मेंद्र डॉ सुदेश, डॉ. नूपुर, सुश्री यशिका एवं सुश्री आकांक्षा सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार फार्मासिस्ट—एक जागरूक समाज की भावना के साथ AMR जैसी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करना रहा।
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