एलएलएम, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और एआई के व्यावहारिक उपयोग पर हुआ संवाद
डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, मेरठ। शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी), मेरठ के कम्प्यूटर क्लब द्वारा विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 7 सितंबर 2026 को “जनरेटिव एआई पर पीयर-टू-पीयर लर्निंग सत्र” का आयोजन विश्वविद्यालय कम्प्यूटर सेंटर में किया गया। सत्र के रिसोर्स पर्सन एवं सीनियर छात्र हर्ष भटनागर ने विद्यार्थियों को जनरेटिव एआई, बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की अवधारणाओं को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया।
हर्ष भटनागर ने कहा कि जनरेटिव एआई केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि अध्ययन, शोध, कोडिंग, सामग्री निर्माण, समस्या समाधान और रचनात्मक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने वाला महत्वपूर्ण तकनीकी साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई के जिम्मेदार उपयोग के साथ इसके बदलते स्वरूप को समझने और इससे जुड़े करियर एवं रोजगार के अवसरों के लिए स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान चैटजीपीटी, एआई आधारित चित्र निर्माण तथा विभिन्न एआई कार्यप्रवाहों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ एंड इंजीनियरिंग के डायरेक्टर प्रो. संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने तथा बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को अपडेट रखने का संदेश दिया। स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड लाइफ साइंसेज़ की डायरेक्टर प्रो. डॉ. दिव्या प्रकाश ने जनरेटिव एआई के बढ़ते प्रभाव और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कम्प्यूटर क्लब के फैकल्टी इंचार्ज एवं असिस्टेंट प्रोफेसर श्री राजेश पांडे ने कहा कि जनरेटिव एआई तकनीकी क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास, सीखने की जिज्ञासा और एआई के जिम्मेदार उपयोग के माध्यम से अपने कौशल को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। पीयर-टू-पीयर लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव एवं ज्ञान साझा किए, जिससे सीखने की प्रक्रिया अधिक संवादात्मक और प्रभावी बनी। कार्यक्रम को सफल बनाने में कम्प्यूटर क्लब की कोर टीम के करण, आशा, चिन्मय, ईशा, हर्ष एवं अंशिका का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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