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Friday, September 11, 2026

रंगों में साकार हुआ अखंड भारत का सपना, विद्यार्थियों ने दिखाई देशभक्ति की तस्वीर

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। ‘अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026’ के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी के शिक्षा विभाग, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आजाद हिंद सरकार के स्थापना दिवस की स्मृति में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंड भारत के अपने सपनों को कैनवास पर जीवंत कर दिया।

 


कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। फाइन आर्ट और शिक्षा संकाय के डीन प्रो. (डॉ.) पिंटू मिश्रा ने प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि कला केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। विद्यार्थियों की रचनात्मकता में जब राष्ट्रप्रेम और अपने गौरवशाली इतिहास की समझ जुड़ती है तो कला समाज में सकारात्मक चेतना जगाने का माध्यम बन जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने के साथ-साथ देश और उसकी सांस्कृतिक विरासत से भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर प्रदान करती हैं।

 वहीं शिक्षा विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) अनोज राज ने प्रतियोगिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके विचारों, व्यवहार और रचनात्मक अभिव्यक्ति में भी दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज का इतिहास युवाओं में साहस, अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना पैदा करता है। कला के माध्यम से इन ऐतिहासिक मूल्यों को विद्यार्थियों तक पहुंचाना उन्हें अपनी जड़ों और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

 


कार्यक्रम का समन्वय डॉ. रूपम जैन ने किया। प्रतियोगिता में डॉ. शैल ढाका और डॉ. भुवनेश शर्मा निर्णायक रहीं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नेतृत्व और राष्ट्रीय चरित्र, आजाद हिंद फौज और अनुशासन, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रवाद, आधुनिक भारत तथा अखंड भारत जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। रंगों के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक एकता के प्रति अपनी समझ, भावनाओं और कल्पनाशीलता को भी अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता में बी.एड. प्रथम सेमेस्टर की सुश्री प्रेरणा सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सुश्री अर्पिता ने द्वितीय तथा अरुणम कुमार ने तृतीय स्थान हासिल किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की सराहना की गई और उनके बेहतरीन कलात्मक योगदान के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया।



आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करती हैं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर शिक्षा विभाग, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की एकेडमिक कोऑर्डिनेटर प्रो. (डॉ.) इंदिरा सिंह ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा और प्रतियोगिता में उनकी सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित किया।

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