मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET) , द्वारा मनोविज्ञान विभाग एवं मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला विद्यार्थियों हेतु आयोजित किया गया। जिसमें प्रो० संजय कुमार (डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी एंड ऑनरेरी प्रेसिडेंट, मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया ), डॉ. सीमा शर्मा क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। प्रोफेसर नीरज सिंघल निदेशक (SCRIET) ने बताया कि विद्यार्थी अपनी हर समस्या अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें।
प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने कहा आत्महत्या करना कभी भी समाधान नहीं है। मनुष्य इस दुनिया के सबसे खूबसूरत प्राणी हैं प्रकृति की सबसे क्रिएटिव कृति है और अपने अनमोल जीवन को बचाना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि दूसरे लोगों की नकारात्मक बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए और अपने आस पास सदैव सकारात्मक सोच वाले लोगों को ही अपने मित्रों और साथियों में शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में अपनी कुछ खूबियां होती है जो उसे दूसरों से अलग बनाती है जिन्हें समय से पहचानकर उनको निखारते रहने का प्रयास करते रहना चाहिए। इन स्थितियों में यदि हमारी जिंदगी में कोई नकारात्मक परिस्थिति आती भी है तो हम उसका सामना बिना तनाव एवं दबाव के कर पाते हैं। हम सबको तनाव का सामना करने वाली टेक्नीक्स को सीखना चाहिए़। उन्होंने यह भी बताया कि मनोविज्ञान विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में भी एक काउंसलिंग सेंटर है जहां आर०सी०आई० अप्रूव्ड मनोवैज्ञानिक प्रो० संजय कुमार, आपकी सहायता बिना जज किए करते हैं और आपकी बातें कॉन्फिडेंशियल रखते हैं। अगर आप अपनी बात ऑनलाइन कहना चाहते हैं तो आप हमारे न. 8899333777 पर कॉल कर सकते हैं जहां बिना नाम पता पूछे हम आपकी पहले सैशन में निःशुल्क सहायता करते है।
मुख्य वक्ता डॉ. सीमा शर्मा (क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट) ने कहा जब भी हम अपने आसपास आत्महत्या की कोई खबर सुनते हैं तो यह हमें झकझोर देता है। और यह समाज के लिए बहुत दुखद है इन चीजों को रोका जा सकता है, बस उन्हें अपना हाथ बढ़ाकर मदद करें। उन लोगों का पता लगाएं जो इस समस्या से पीड़ित हैं और जिसके कारण वे आत्महत्या का प्रयास कर सकते हैं। हम भगवान या सुपरहीरो नहीं बन सकते, लेकिन हम किसी व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक जरूर बन सकते हैं। वहीं, मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया की ओर से काउंसिलिंग साइकोलॉजिस्ट सुश्री प्रिय पॉल ने कहा कि जब भी जीवन में कोई बाधा आए तो अपने मन की बात अपने साथी या शिक्षकों से साझा करें।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक प्रोफेसर पारुल वर्श्नेय (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग), एवं सह सायोजक डॉ. निधि चौहान ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य किसी व्यक्ति के लिए मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस कार्यक्रम की सफलता मे प्रोफ़ेसर रंजू अरोरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उन्होंने कहा कि यदि किसी भी छात्र को किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वे हमसे बेझिझक साझा कर सकते हैं और हम हर परिस्थिति में उनकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं। प्रोफेसर शोभित सक्सेना प्रोफ़ेसर प्रियंका और प्रोफेसर वी.के. राम ने भी कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। अंत में डायरेक्टर नीरज सिंघल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया उन्होंने इस आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी समिति सदस्यों को धन्यवाद दिया।


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