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Tuesday, September 8, 2026

सुभारती डेंटल कॉलेज ने फिर रचा इतिहास, प्रदेश के निजी बीडीएस कॉलेजों में अव्वल

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सुभारती डेंटल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने उत्तर प्रदेश के निजी दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में एक बार फिर अपनी मजबूत शैक्षणिक स्थिति साबित की है। नीट के माध्यम से बीडीएस में प्रवेश के लिए आयोजित प्रथम चरण की काउंसलिंग के उपलब्ध कटऑफ आंकड़ों के अनुसार सुभारती डेंटल कॉलेज ने प्रदेश के सूचीबद्ध गैर-अल्पसंख्यक निजी बीडीएस महाविद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल किया है।

प्रथम चरण में सुभारती डेंटल कॉलेज का अंतिम प्रवेश क्रमांक 3,96,997 रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह प्रदर्शन सूची में शामिल कई प्रमुख निजी दंत चिकित्सा महाविद्यालयों की तुलना में बेहतर है। प्रवेश प्रक्रिया में प्राप्त इस परिणाम को विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा तथा बढ़ते विश्वास के महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सुभारती डेंटल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ विद्यार्थियों को व्यापक चिकित्सकीय प्रशिक्षण, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, आधुनिक सुविधाएं, शोध एवं नवाचार के अवसर तथा व्यावसायिक कौशल विकास पर लगातार जोर दिया जाता है। संस्थान की ओर से शिक्षा और चिकित्सकीय प्रशिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।

विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रतिस्पर्धी प्रवेश प्रक्रिया में डेंटल कॉलेज के बेहतर प्रदर्शन ने संस्थान की शैक्षणिक क्षमता को रेखांकित किया है। विश्वविद्यालय अब इसी दिशा में चिकित्सा, नर्सिंग, औषधि विज्ञान, विधि, प्रबंधन, अभियांत्रिकी, सहायक स्वास्थ्य विज्ञान सहित अन्य विभागों में भी शिक्षण, शोध, नवाचार, चिकित्सकीय प्रशिक्षण और रोजगारपरक शिक्षा को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए डेंटल कॉलेज के शिक्षकों, चिकित्सकों, विद्यार्थियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व विद्यार्थियों तथा सभी संबंधित सदस्यों को बधाई दी है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, परिणाम आधारित शिक्षा, शोध, नवाचार, चिकित्सकीय उत्कृष्टता, उद्योग जगत से जुड़ाव, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और रोजगार क्षमता के क्षेत्रों में निरंतर सुधार करते हुए विभिन्न पाठ्यक्रमों में बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल करना है।

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