नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। जेंडर समानता और महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आस संस्था एवं हद-अनहद द्वारा ‘मस्त बोल’ अभियान के तहत इंदौर रेलवे स्टेशन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में GRP रेलवे पुलिस के सहयोग से यात्रियों एवं आम नागरिकों को महिला सुरक्षा, सम्मानजनक व्यवहार और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक किया गया।
'मस्त बोल’ एक जेंडर जागरूकता कार्यक्रम है, जो पिछले दो वर्षों से इंदौर शहर में संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को दिल्ली की संस्था ‘कम्युनिटी–द यूथ कलेक्टिव’ द्वारा डिजाइन किया गया है। इंदौर में इसे आस संस्था एवं हद-अनहद संस्था द्वारा युवाओं की भागीदारी के साथ संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यात्रियों को महिला सुरक्षा के महत्व, महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार तथा समाज में लैंगिक समानता की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। युवाओं ने लोगों से संवाद करते हुए सुरक्षित एवं समान समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर GRP रेलवे पुलिस की DSP ज्योति शर्मा, TI रश्मि पाटीदार एवं SI बनु सोलंकी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में कलिस्ता लकड़ा एवं स्वाति तिवारी की भी सहभागिता रही। वहीं इंदौर सिटी मेंटर यासमीन खान एवं कुलदीप सिकरवार ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
अभियान में इंदौर के यूथ चेंज लुमर्स मनमोहन यादव, दुर्गेश पांडेय, अबरार खान, रमेश सुरागे, हिमांशी अस्तया, अनिकेत तंवर, रोहित ठाकुर, शिवाय सूर्यवंशी एवं दलजीत सिंह सहित कई जेंडर जागरिक युवा शामिल हुए।
आयोजकों ने बताया कि ‘मस्त बोल’ अभियान का उद्देश्य युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर लैंगिक भेदभाव को कम करना तथा महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समान माहौल बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करना है। अभियान के माध्यम से युवाओं को संवाद और जागरूकता के जरिए जेंडर समानता की पहल से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।



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