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Sunday, September 20, 2026

ई-कॉमर्स में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव पर विशेषज्ञ वार्ता का आयोजन*

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग द्वारा ई-कॉमर्स के क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव पर एक विशेषज्ञ वार्ता का आयोजन किया गया। वार्ता का उद्देश्य छात्रों को ई-कॉमर्स में एआई के व्यावहारिक उपयोग तथा भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना था।


कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. वी. के. त्यागी, विशेषज्ञ वक्ता श्री राहुल गुप्ता एवं प्रो. संदीप कुमार द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर इनसीडो में वाईस प्रेसिडेंट तथा पूर्व में Publicis Sapient में वरिष्ठ निदेशक एवं एचसीएल टेक में उद्यमआर्कटिक रहे राहुल गुप्ता ने अपने व्यापक औद्योगिक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एआई किस प्रकार ग्राहकों की पसंद के अनुसार सेवाएँ उपलब्ध कराने, उत्पादों की अनुशंसा, मांग का अनुमान लगाने, ग्राहक सहायता, धोखाधड़ी की पहचान तथा बेहतर व्यावसायिक निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वार्ता के दौरान छात्रों को उत्पाद अनुशंसा, स्मार्ट खोज, ग्राहक संवाद प्रणाली, माल प्रबंधन, ग्राहक प्रतिक्रिया के विश्लेषण और स्वचालित विपणन जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न उपयोगों के बारे में जानकारी दी गई। श्री गुप्ता ने छात्रों को प्रोग्रामिंग, आँकड़ों का विश्लेषण, मशीन लर्निंग, डेटा प्रस्तुतीकरण तथा समस्या समाधान जैसे कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।


प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण और ई-कॉमर्स में रोजगार एवं करियर की संभावनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे। विशेषज्ञ ने छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावसायिक समझ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग पर भी ध्यान देने की सलाह दी।
कार्यक्रम का समन्वय सुश्री गरिमा द्वारा किया गया। छात्र समन्वयकों तनिष्का, वंशिका जैन, मयंक पाठक एवं कृष्णा सोम ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया। यह विशेषज्ञ वार्ता छात्रों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने तथा उभरती तकनीकों की समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग द्वारा छात्रों को आधुनिक तकनीकों और भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने हेतु ऐसे उद्योग-शैक्षणिक संवाद निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।

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